Terrorism in J&K: आतंकियों ने बदली कश्मीर में हथियार पहुंचाने की रणनीति, ऐसे देते हैं नापाक मंसूबों को अंजाम
पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर ड्रोन के जरिए हथियार भेजते हैं। इसके बाद इन हथियारों को आतंकी मददगार कहीं छुपाकर रख देते हैं। इसकी पूरी लोकेशन और रूट का वीडियो बनाया जाता है।
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पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों ने कश्मीर में आतंकियों तक हथियार पहुंचाने की रणनीति बदल दी है। इसकी सबसे बड़ी वजह आतंकी चेन को सुरक्षित रखना और एजेंसियों को भनक न लगने देना है। एक वजह यह भी है कि यदि हथियारों को ले जाते पकड़े भी जाएं तो सुरक्षा एजेंसियों को यह पता न लगे कि इनको हथियार दिए किसने और आगे लेने वाला कौन है। जम्मू में पिछले एक साल से कुछ ऐसा ही हो रहा है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर ड्रोन के जरिए हथियार भेजते हैं। इसके बाद इन हथियारों को आतंकी मददगार कहीं छुपाकर रख देते हैं। इसकी पूरी लोकेशन और रूट का वीडियो बनाया जाता है। यहीं वीडियो एक व्हाट्सएप पर गूगल मैप की लोकेशन के साथ अन्य आतंकी मददगार तक पहुंचाया जाता है। वह इसे देखकर हथियार लेता है और इन्हें लेकर चला जाता है।
केस 1-
29 अप्रैल 2022 को सिद्दड़ा हाइवे के पास दो मैग्नेटिक आईईडी बरामद की गईं। इन आईईडी को बैग में छुपाकर रखा गया था। इसके पहले कि इन्हें ले जाया जाता। पहले ही पुलिस को पता चल गया।
केस 2-
27 जून 2021 को बठिंडी में 5 किलो की आईईडी बरामद की गई। इस आईईडी को रामबन के बनिहाल के रहने वाले नदीम उल हक ने रिसीव किया था। यह आईईडी ड्रोन से भेजी गई थी। इसके बाद इसे बठिंडी में छुपाकर रखा गया। इसकी लोकेशन नदीम को उसके व्हाट्सएप पर भेजी थी।
केस 3-
14 फरवरी 2021 को जम्मू के बस स्टैंड पर पुलवामा के रहने वाले सुहेल बशीर से 7 किलो आईईडी बरामद की गई। इस आईईडी को बशीर ने सिद्दड़ा के पास रेस्तरां के बाहर से उठाया था। इसकी लोकेशन उसे पाकिस्तानी हैंडलरों ने व्हाट्सएप पर भेजी थी।
केस 4-
26 जुलाई 2022 को नरवाल जम्मू में पंजाब के 3 तस्करों को 12 किलो हेरोइन और 14 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़ा। यह सब ड्रोन से आतंकियों ने भेजा था। इसकी लोकेशन भी व्हाटसएप पर भेजी गई।
केस 5-
8 और 9 नवंबर की रात नरवाल के पास तीन आतंकी गिरफ्तार किए गए। इनके पास से 3 राइफल, ग्रेनेड और पिस्टल बरामद की गई। इसे भी ड्रोन के जरिए भेजा गया। इसकी लोकेशन व्हाट्सएप पर भेजी गई।
हाइवे को चुना हथियार, विस्फोट छुपाने के लिए
जानकारी के अनुसार इस समय आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने के लिए हाइवे और इसके पास के लगते इलाकों को चुना गया है। बरामद किए गए विस्फोटक और हथियार कुंजवानी से नगरोटा हाइवे या फिर इसके पास से बरामद किए गए हैं। दरअसल, हाइवे से इनको लेने और आगे ले जाने में आसानी हो जाती है। इसलिए आतंकी हैंडलर इनको हाइवे के आसपास ही रख रहे हैं।
चेन का पता न लगे, इसलिए कर रहे ऐसा
जानकारी के अनुसार आतंकी अब सीधे तौर पर सीमा पार से भेजे जाने वाले हथियारों के साथ अपने मददगारों को कश्मीर नहीं भेज रहे। अब आतंकी हैंडलर पहले ड्रोन से हथियार और विस्फोटक भेजते हैं। इसका एक वीडियो बनाकर मददगार तक पहुंचाया जाता है। यह मददगार खेप को लेकर हाइवे तक पहुंचाता है। जिसका फिर से एक वीडियो बनता है जो अगले मददगार तक पहुंचता है। यह मददगार खेप ले जाता है। इसका एक और वीडियो भेजा जाता है, जिसके जरिए यह खेप वीडियो में शामिल लोकेशन पर छोड़ देता है। इस तरह से आतंकियों की एक बड़ी चेन में शामिल लोगों को पता ही नहीं चल पाता। यदि कोई खेप के साथ पकड़ा भी जाए तो सिर्फ इतना पता चलता है कि हथियारों को भेजने वाले पाकिस्तानी हैंडलर हैं।