{"_id":"6525366cf13dee14b700708e","slug":"terrorism-in-jammu-kashmir-one-thousand-terrorists-killed-in-jammu-kashmir-in-five-years-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Terrorism in J&K: पांच साल में जम्मू कश्मीर में 1002 आतंकी ढेर, तीन साल से घुसपैठ में आई कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Terrorism in J&K: पांच साल में जम्मू कश्मीर में 1002 आतंकी ढेर, तीन साल से घुसपैठ में आई कमी
Tue, 10 Oct 2023 05:16 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 10 Oct 2023 05:16 PM IST
सार
जम्मू -कश्मीर में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के मद में गृह मंत्रालय की ओर से 16 हजार करोड़ रुपये जारी किया गया है। इसमें सुरक्षा के साथ ही राहत व पुनर्वास से जुड़े खर्चे भी शामिल हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच साल में 2018 से 2022 के बीच 1002 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इसी अवधि में 308 सुरक्षा बलों के जवान तथा 209 नागरिक भी मारे गए हैं। इस अवधि में 626 मुठभेड़ की घटनाएं हुई हैं।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा पार के समर्थन से पिछले तीन दशक से प्रदेश ने आतंकी तथा अलगाववादी गतिविधियों का खामियाजा भुगता है। 2018 में 257 आतंकी, 2019 में 157, 2020 में 221, 2021 में 180 तथा 2022 में 187 आतंकी मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर में आतंकवाद आईबी तथा एलओसी से घुसपैठ की घटनाओं से जुड़ा है। 2017 में 136, 2018 में 143, 2019 में141, 2020 में 51, 2021 में 34 तथा 2022 में 14 घटनाएं हुईं।
विज्ञापन
सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए 16 हजार करोड़ जारी
जम्मू -कश्मीर में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के मद में गृह मंत्रालय की ओर से 16 हजार करोड़ रुपये जारी किया गया है। इसमें सुरक्षा के साथ ही राहत व पुनर्वास से जुड़े खर्चे भी शामिल हैं। गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र ने यह कदम उठाया है कि अर्धसैनिक बलों को आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
1989 से 2022 तक केंद्र ने सुरक्षा संबंधी खर्च (पुलिस) 10528.72 करोड़ तथा राहत व पुनर्वास पर 5348.68 करोड़ रुपये प्रतिपूर्ति किया है। 2022 में 308.98 करोड़ रुपये पुलिस तथा 198.62 करोड़ रुपये राहत व पुनर्वास मद में राज्य सरकार को प्रतिपूर्ति के रूप में दिया है। राज्य में आतंकवाद के चलते विशेष योजना 1989-90 में शुरू की गई थी जिसके तहत पुलिस मद में 90 तथा राहत व पुनर्वास मद में 100 फीसदी खर्चे की प्रतिपूर्ति की जाती है।
वहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर में 35 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 32 को समय पूर्व सेवानिवृत्ति दी गई है। गृह मंत्रालय की 2022-23 के वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन साल में विकास के मोर्चे पर सफलता मिली है। परियोजनाओं के समय पर पूरा होने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है। बीम्स के तहत सभी काम हो रहे हैं।
जम्मू कश्मीर में पर्यटन के क्षेत्र में जबर्दस्त उछाल आया है। वर्ष 2022 में 1.80 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इसके साथ ही आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 स्थानों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने तथा इन स्थानों पर 75 महोत्सव कराने का फैसला किया गया है।