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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Teacher's Day: Harnam Singh, sitting on a horse, is awakening the light of education in villages

शिक्षक दिवस : घोड़े पर बैठकर गांव-गांव जाते हैं हरनाम सिंह, जगा रहे हैं शिक्षा की अलख

Sun, 05 Sep 2021 01:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा रवि वर्मा, राजोरी
रवि वर्मा, राजोरी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 05 Sep 2021 01:19 AM IST
सार

  • राजोरी के नारला में तैनात शिक्षक हरनाम सिंह ने पेश की मिसाल, जागरूकता के लिए अपनाया नायाब तरीका
  • बेटियों को स्कूल भेजने के लिए घोड़े पर गांव के चक्कर लगा लाउड स्पीकर के साथ लोगों को किया जागरूक 

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Teacher's Day: Harnam Singh, sitting on a horse, is awakening the light of education in villages
घोड़े पर हरनाम सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क से कोसों दूर दुर्गम इलाके में एक शिक्षक घोड़े पर गांव-गांव जाकर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। राजोरी में नारला क्षेत्र के मिडिल स्कूल पडर में तैनात शिक्षक हरनाम सिंह खासकर बेटियों की शिक्षा के लिए विशेष जोर दे रहे हैं। उनका तरीका भी नायाब है। 

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घोड़े पर सवार होकर वह दुर्गम गांवों में पहुंचते हैं और  लाउडस्पीकर से शिक्षा का महत्त्व बताते हुए विशेष रूप से लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हरनाम सिंह जमवाल ने स्कूल और खेल मैदान के लिए अपनी चार कनाल जमीन भी दान दी है।
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जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश के लिए मिसाल पेश कर रहे शिक्षक हरनाम सिंह ने राजोरी के नरला गांव में छात्रों के ड्रॉपआउट दर को जांचने और लोगों को जागरूक करने के लिए थोड़ा अलग तरीका अपनाया है। पहाड़ी दुर्गम स्थानों पर बसे लोगों तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक घोड़े को अपना साथी बनाया। 
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कोरोना महामारी के बीच उन्होंने घोड़े पर सवार होकर लाउडस्पीकर से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू किया। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों विशेष रूप से लड़कियों को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया। जमवाल बताते हैं कि उनका उद्देश्य दूर दराज के इलाकों के लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। स्कूल छोड़ने वालों कई बच्चों को फिर से दाखिला दिलवाया गया है। (संवाद)


हरनाम जमवाल के प्रयास काबिले तारीफ हैं। उन्हें 2019 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में सम्मानित किया है। साल 2018 और 2019 में निदेशक स्कूल शिक्षा ने भी उन्हें सम्मानित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी चार कनाल भूमि स्कूल, खेल के मैदान और किचन गार्डन के लिए दान कर दी।
-गुलजार हुसैन सीईओ 

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