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प्रेमी युगल को सुप्रीम कोर्ट ने दिलाया पुलिस संरक्षण

Thu, 04 Jun 2015 12:55 PM IST
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:55 PM IST
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supreme court gave police protection to couple

जम्मू कश्मीर के एक प्रेमी युगल ने घर से भागकर शादी रचा ली लेकिन समाज को यह मंजूर नहीं हुआ। अपने ही प्रेमी युगल के दुश्मन बन गए। सब कुछ ठीक होने की आस के नाउम्मीदी में बदलने के बाद आखिरकार नवदंपति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने दोनों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए पुलिस संरक्षण उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

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न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी पंत की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने न सिर्फ प्रेमी युगल को पुलिस संरक्षण देने के लिए कहा बल्कि जम्मू एवं कश्मीर पुलिस को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है।
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पुलिस को इसके लिए चार हफ्ते का वक्त दिया गया है। प्रेमी युगल की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि दोनों बालिग हैं और दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है। लड़का सिख है जबकि लड़की मुस्लिम है। शादी से पहले लड़की ने सिख धर्म अपना लिया।
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दोनों ने सिख धर्म के अनुसार शादी रचाई। अलग-अलग धर्म के होने के कारण घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं हुआ। लड़की के घर वालों ने लड़के पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। इतना ही नहीं लड़के के परिजनों पर भी अपहरण के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया।

सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का आरोप

supreme court gave police protection to couple

याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। लड़के के पिता की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा कि जमानत देने से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

हालांकि अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी। याचिका में गुहार लगाई गई कि लड़के व उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किया जाए। साथ ही प्रेमी युगल ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है लिहाजा उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाए।

उधर, छन्नी हिम्मत पुलिस के एसएचओ एजाज अहमद वानी ने कहा कि लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जहां तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बात है, वह अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। आदेश की तालीम की जाएगी।

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