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नही रूक रही सरकारी राशन की कालावजारी
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आरएस पुरा। उपजिले में काफी समय से सरकारी राशन की कालाबाजारी हो रही है। इस पर रोक नही लग पा रही है। इसके चलते जरूरतमंदों को राशन नहीं मिल पाता। उपजिले में दो-चार माह बाद राशन की कालाबाजारी करते हुए कई राशन डीलरों को पुलिस की ओर से पकडे़ जाने पर राशन डीलर बेखौफ होकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
शुक्रवार को सीमावर्ती गांव चौगा के राशन डीलर भीखम सिंह को राशन की कालाबाजारी करने पर पकड़ा गया। उससे पहले भी राशन डीलरशिप को रद्द किया गया था। चार वर्ष बाद खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से फिर इसी को राशन डीलर बना दिया गया। वासपुर पंचायत के सरपंच सुखदेव सिंह का कहना है कि खाद्य व आपूर्ति विभाग को पंचायत की ओर से भीखम सिंह के स्थान पर गांव के किसी दूसरे व्यक्ति को डीलर बनाने की मांग पर खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से दूसरे गांव के राशन डीलर के साथ अटैच किया गया था। सरपंच ने कहा कि खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से कहा जाता है कि इस समय नया राशन डीलर बनाए जाने पर रोक लगी होने के लिए कहा जाता है। यही एक कारण है कि ऊंची पहुंच रखने पर राशन डीलर को विभाग की ओर से बहाल कर दिया जाता है। गौरतलब है कि दो माह पूर्व उपजिले के राशन स्टोर पर अपराध शाखा की टीम को मिली शिकायत के बाद स्टोर में पडे़ राशन को खंगाला गया था। वहां पर आटा, चावल, दाल खराब पड़ी होने पर खाद्य व आपूर्ति विभाग द्वारा कोई जांच नहीं की जाती। लोगों के लिए मुहैया कराया गया राशन स्टोर में खराब होने पर आखिर कौन जिम्मेदार है। इसे कैसे पूरा किया जाता है, जिसका जवाब विभाग के पास नहीं।
ग्रामीण अजीत राज व चुन्नी लाल का कहना है कि उपजिले में खाद्य व आपूर्ति विभाग की और से चार जोन बना तहसील खाद्य व आपूर्ति अधिकारी नियुक्त किए होने पर राशन की कैसे कालाबाजारी की जा रही। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वह हर गांव में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों से राशन वितरण करने में त्रुटियां होने पर उच्चधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजें ताकि पता चल पाए कि काफी मात्रा में राशन बचाकर राशन डीलर इसकी कालाबाजारी कैसे कर लेते हैं।
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गांव चौगा के राशन डीलर भीखम सिंह का लाइसेंस रद्द करने के साथ पास के दूसरे डीलर को अटैच किया जाएगा या विभाग की ओर से ग्रामीणों को राश्न का वितरण किया जाएगा।
-विपिन भगत, सहायक निदेशक, खाद्य व आपूर्ति विभाग
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शुक्रवार को सीमावर्ती गांव चौगा के राशन डीलर भीखम सिंह को राशन की कालाबाजारी करने पर पकड़ा गया। उससे पहले भी राशन डीलरशिप को रद्द किया गया था। चार वर्ष बाद खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से फिर इसी को राशन डीलर बना दिया गया। वासपुर पंचायत के सरपंच सुखदेव सिंह का कहना है कि खाद्य व आपूर्ति विभाग को पंचायत की ओर से भीखम सिंह के स्थान पर गांव के किसी दूसरे व्यक्ति को डीलर बनाने की मांग पर खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से दूसरे गांव के राशन डीलर के साथ अटैच किया गया था। सरपंच ने कहा कि खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से कहा जाता है कि इस समय नया राशन डीलर बनाए जाने पर रोक लगी होने के लिए कहा जाता है। यही एक कारण है कि ऊंची पहुंच रखने पर राशन डीलर को विभाग की ओर से बहाल कर दिया जाता है। गौरतलब है कि दो माह पूर्व उपजिले के राशन स्टोर पर अपराध शाखा की टीम को मिली शिकायत के बाद स्टोर में पडे़ राशन को खंगाला गया था। वहां पर आटा, चावल, दाल खराब पड़ी होने पर खाद्य व आपूर्ति विभाग द्वारा कोई जांच नहीं की जाती। लोगों के लिए मुहैया कराया गया राशन स्टोर में खराब होने पर आखिर कौन जिम्मेदार है। इसे कैसे पूरा किया जाता है, जिसका जवाब विभाग के पास नहीं।
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ग्रामीण अजीत राज व चुन्नी लाल का कहना है कि उपजिले में खाद्य व आपूर्ति विभाग की और से चार जोन बना तहसील खाद्य व आपूर्ति अधिकारी नियुक्त किए होने पर राशन की कैसे कालाबाजारी की जा रही। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वह हर गांव में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों से राशन वितरण करने में त्रुटियां होने पर उच्चधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजें ताकि पता चल पाए कि काफी मात्रा में राशन बचाकर राशन डीलर इसकी कालाबाजारी कैसे कर लेते हैं।
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गांव चौगा के राशन डीलर भीखम सिंह का लाइसेंस रद्द करने के साथ पास के दूसरे डीलर को अटैच किया जाएगा या विभाग की ओर से ग्रामीणों को राश्न का वितरण किया जाएगा।
-विपिन भगत, सहायक निदेशक, खाद्य व आपूर्ति विभाग