बाघा बार्डर की तर्ज पर विकसित होगा सुचेतगढ़
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जम्मू-कश्मीर में बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुचेतगढ़ को वाघा बार्डर की तर्ज पर राज्य सरकार विकसित करेगी। यहां आक्ट्राय पोस्ट को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा जिसमें वीरता से जुड़े उपकरणों को प्रदर्शित किया जाएगा। आजादी से पहले के चुंगी पोस्ट को भी धरोहर के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने शुक्रवार को बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सुचेतगढ़ का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुचेतगढ़ को वाघा बार्डर की तरह विकसित किया जा सकता है।
यहां पर्यटकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। एम्यूजमेंट पार्क तथा संगीत वाला फव्वारा स्थापित किया जाएगा ताकि देशभर के सैलानी आकर्षित हो सकें।
बहुद्देशीय हाल का निर्माण भी किया जाएगा। कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आर-पार के लोगों के मिलने जुलने के केंद्र के रूप में सुचेतगढ़ को विकसित करने पर केंद्र सरकार से बात की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किया दौरा
स्थिति में सुधार होने पर सुचेतगढ़ को पड़ोसी देश के साथ व्यापार केंद्र बनाने की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं। जम्मू और सियालकोट दोनों में समानता है।
क्रास बार्डर व्यापार केंद्र तथा यात्रा का केंद्र बनाया जाना भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली का सबसे बड़ा कदम होगा। सुचेतगढ़-सियालकोट के बीच सड़क संपर्क शुरू करने पर भी गृह मंत्रालय से बात की जाएगी।
कहा कि कटड़ा तक रेल जाने से जम्मू में पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। इससे व्यापारियों में डर का माहौल है। सुचेतगढ़ बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से इस संकट से छुटकारा मिल सकता है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आरएस पुरा से सुचेतगढ़ के बीच सात किलोमीटर की सड़क को फोर लेन करने की घोषणा की। कहा कि इससे सैलानियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को बीआरओ से इस मुद्दे पर आवश्यक चर्चा करने की हिदायत दी।