जम्मू-कश्मीर के तीन जिलों में सफल ड्राई रन, इसी माह से शुरू होगा टीकाकरण अभियान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के तीन जिलों में शनिवार को कोविड वैक्सीन का सफल ड्राई रन (माक ड्रिल) किया गया। इसमें प्रत्येक केंद्र पर 25-25 फ्रंटलाइन वर्कर्स चिकित्सा कर्मियों को कोविड वैक्सीन लगाई गई। प्रक्रिया में लगे एक डॉक्टर ने बताया कि वैक्सीनेशन के दौरान एक व्यक्ति को सामान्य रूप से 40 से 45 मिनट का समय लग सकता है।
प्रदेश में पहले चरण में एक लाख से अधिक चिकित्सा कर्मियों को कोविड वैक्सीन दी जानी है। इसके बाद दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स में विभिन्न सुरक्षाबलों, नगर निगम कर्मी, राजस्व विभाग के स्टाफ समेत करीब सात लाख सदस्यों को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में व्यापक स्तर पर 50 वर्ष से अधिक या 50 वर्ष से कम जो कई बीमारियों से ग्रस्त हैं, उन्हें वैक्सीन दी जाएगी। इसके बाद चौथे चरण में आम लोगों को वैक्सीन दी जानी है।
प्रदेश में जिला जम्मू में सरवाल अस्पताल, सीएचसी मढ़ और सीएचसी बिश्नाह में माक ड्रिल हुई। इसी तरह कश्मीर में श्रीनगर के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल, पीएचसी निशात और बीएचसी बटमालू के अलावा जिला कुलगाम में जिला अस्पताल कुलगाम, उपजिला अस्पताल यारीपोरा और पीएचसी जजर में कोविड वैक्सीन की माक ड्रिल की गई। स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर डॉ. समीर मट्टू ने बताया कि तीनों जगहों पर सफल माक ड्रिल हुई है और वैक्सीन को लेकर सारी तैयारी पूरी की गई है। यहां सरवाल अस्पताल में स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा, मढ़ सीएचसी में सीएमओ डॉ. जेपी सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
प्रत्येक बूथ पर तैनात होगी पुलिस- वित्तीय आयुक्त
सरवाल अस्पताल में मॉक ड्रिल देखने पहुंचे स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने कहा कि कोविड वैक्सीन के दौरान सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। व्यापक स्तर पर शुरू होने वाले इस अभियान में भीड़ पर नियंत्रण और किसी आपात घटना को रोकने के लिए प्रत्येक बूथ पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
पहले चरण में अभियान को पीएचसी स्तर पर शुरू किया जा रहा है, लेकिन अगले चरण में इसे सब सेंटरों पर भी शुरू किया जाएगा। वहीं श्रीनगर डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि जिले में 54 स्थानों पर इनलाइन रेफ्रिजेरेशन सिस्टम स्थापित किए गए हैं। यहां वैक्सी स्टोर की जाएगी। सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स का डाटाबेस तैयार किया जा चुका है, जिन्हें पहले चरण में वैक्सीन लगाई जाएगी।
वैक्सीन लगाने के लिए पहले भेजे गए एमएसएस
मॉक ड्रिल में सभी केंद्रों में 25-25 स्वास्थ्य विभाग के वॉलंटियर शामिल हुए। इन्हें वैक्सीन लगाने के लिए एसएमएस भेजे गए। इन सभी का पहले केंद्र के बाहर फिजिकल वैरीफिकेशन किया गया, उसके बाद उन्हें वेटिंग रूम में बिठाया गया। फिर एक-एक कर वैक्सीनेशन रूम में बुलाया गया।
श्रीनगर में डॉ. रिफत के अनुसार असल में भी ऐसे ही बुलाया जाएगा और जब उन्हें वेटिंग रूम में बिठाया जाएगा उसके लिए जगह का ध्यान रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। वैक्सीन देने से पहले एक बार फिर से उनके डिटेल चेक किये जाएंगे और उन्हें वैक्सीन के फायदे और साइड इफेक्ट भी बताए जाएंगे। वैक्सीन के बाद सभी को ऑब्जरवेशन रूम में 30 मिनट तक रखा जाएगा। ऐसे में अगर किसी को ज्यादा कोई रिएक्शन होता है तो विभागीय टीम देखेगी।