{"_id":"68f15cfbf8d5f4f1f10107f3","slug":"students-learned-how-investigations-and-counseling-are-conducted-in-cases-of-domestic-violence-samba-news-c-10-jam1005-740062-2025-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: छात्राओं ने जाना घरेलू हिंसा के मामले \nमें कैसे होती है जांच व काउंसलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: छात्राओं ने जाना घरेलू हिंसा के मामले में कैसे होती है जांच व काउंसलिंग
Fri, 17 Oct 2025 02:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 17 Oct 2025 02:30 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। अमर उजाला फाउंडेशन ने वीरवार को गांधीनगर महिला थाने में पुलिस दोस्त कार्यक्रम का आयोजन किया। राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पुरमंडल की छात्राओं ने थाने का भ्रमण किया। छात्राओं ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के मामले में जांच प्रक्रिया और काउंसलिंग की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस की कार्यप्रणाली भी समझी।
थाना प्रभारी आरती ठाकुर ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। साइबर हमला नए तरह का अपराध है। ऐसे में मोबाइल फोन चलाते समय विशेष सतर्कता रखनी होगी। पुलिस आपकी दोस्त है और वह हर समय मदद के लिए तत्पर है। हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। छात्राओं ने थाने का भ्रमण किया। सबसे पहले रिपोर्टिंग रूम में गईं। उन्होंने जाना की कैसे पीड़ित महिला की शिकायत लिखी जाती है। किस मामले में एफआईआर दर्ज की जाती है। किस-किस तरह के मामले आते हैं। इसके बाद छात्रों ने काउंसलिंग सेल का भ्रमण किया यहां उन्हें बताया कि ज्यादातर मामलों में लोगों के बीच आपसी मतभेद होता है। ऐसे मामलों में पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह का प्रयास किया जाता है ताकि विवाद बढ़ने से पहले ही हल निकले। इसके बाद छात्राओं ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर रूम देखा यहां जांच अधिकारी ने उन्हें जांच के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया। जांच अधिकारी ने बताया कि अपराध की जांच पूरी करने का निर्धारित समय 60 दिन होता है। इसमें दोनों पक्षाें की बात सुननी होती है। छात्राएं हवालात देखने और उसके बारे में जानने में ज्यादा इच्छुक नजर आईं। महिला पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाली 100 में से लगभग 60 शिकायतें लड़कियों से जुड़ी होती हैं। इसलिए जागरूक रहना और समय पर रिपोर्ट करना जरूरी है। छात्राओं के साथ प्रिंसिपल अरुण गुप्ता, वरिष्ठ लेक्चरर प्रियंका संगराल, अध्यापिका किरण और कार्यालय से अरुण मौजूद थे।
छात्राएं बोलीं-यह एक अलग अनुभव
12वीं कक्षा की भावना भगत ने कहा कि हमें नए अपराधी कानूनों के बारे में पता चला। अब समझ आया कि पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए कितनी गंभीरता से काम करती है। साक्षी ने कहा कि यह दौरा बहुत जानकारी पूर्ण था। हमें बताया गया कि लड़कियों को डरने की नहीं, जागरूक होने की जरूरत है। शीतल ने बताया कि काउंसलिंग सेल देखकर समझ आया कि पुलिस सिर्फ केस नहीं सुलझाती, बल्कि लोगों की मानसिक मदद भी करती है। रिधिमा ने कहा कि कानून के बारे में सिखाया गया। पता चला की जांच पूरी करने की तय समय सीमा 60 दिन होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना प्रभारी आरती ठाकुर ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। साइबर हमला नए तरह का अपराध है। ऐसे में मोबाइल फोन चलाते समय विशेष सतर्कता रखनी होगी। पुलिस आपकी दोस्त है और वह हर समय मदद के लिए तत्पर है। हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। छात्राओं ने थाने का भ्रमण किया। सबसे पहले रिपोर्टिंग रूम में गईं। उन्होंने जाना की कैसे पीड़ित महिला की शिकायत लिखी जाती है। किस मामले में एफआईआर दर्ज की जाती है। किस-किस तरह के मामले आते हैं। इसके बाद छात्रों ने काउंसलिंग सेल का भ्रमण किया यहां उन्हें बताया कि ज्यादातर मामलों में लोगों के बीच आपसी मतभेद होता है। ऐसे मामलों में पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह का प्रयास किया जाता है ताकि विवाद बढ़ने से पहले ही हल निकले। इसके बाद छात्राओं ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर रूम देखा यहां जांच अधिकारी ने उन्हें जांच के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया। जांच अधिकारी ने बताया कि अपराध की जांच पूरी करने का निर्धारित समय 60 दिन होता है। इसमें दोनों पक्षाें की बात सुननी होती है। छात्राएं हवालात देखने और उसके बारे में जानने में ज्यादा इच्छुक नजर आईं। महिला पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाली 100 में से लगभग 60 शिकायतें लड़कियों से जुड़ी होती हैं। इसलिए जागरूक रहना और समय पर रिपोर्ट करना जरूरी है। छात्राओं के साथ प्रिंसिपल अरुण गुप्ता, वरिष्ठ लेक्चरर प्रियंका संगराल, अध्यापिका किरण और कार्यालय से अरुण मौजूद थे।
विज्ञापन
छात्राएं बोलीं-यह एक अलग अनुभव
12वीं कक्षा की भावना भगत ने कहा कि हमें नए अपराधी कानूनों के बारे में पता चला। अब समझ आया कि पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए कितनी गंभीरता से काम करती है। साक्षी ने कहा कि यह दौरा बहुत जानकारी पूर्ण था। हमें बताया गया कि लड़कियों को डरने की नहीं, जागरूक होने की जरूरत है। शीतल ने बताया कि काउंसलिंग सेल देखकर समझ आया कि पुलिस सिर्फ केस नहीं सुलझाती, बल्कि लोगों की मानसिक मदद भी करती है। रिधिमा ने कहा कि कानून के बारे में सिखाया गया। पता चला की जांच पूरी करने की तय समय सीमा 60 दिन होती है।
विज्ञापन