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Jammu News: स्मार्ट शहर जम्मू के कई इलाकों में शाम ढलते ही छा जाता है अंधेरा
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- 96 हजार एलईडी लाइटें लगाने का दावा, लेकिन बड़ी संख्या में खराब
- गांधी नगर, शास्त्री नगर, यूनिवर्सिटी रोड जैसे पॉश इलाके भी अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
केस : 1- सतवारी से गांधी नगर मोड़ में 20 एलईडी लाइट प्वाइंट, एक भी नहीं जल रही
केस-2 -अशोक नगर मोहल्ला में 22 एलईडी लाइट प्वाइंट, मात्र 6 जल रहीं
केस-3 -शास्त्री नगर बाजार में 50 लाइट प्वाइंट, 40 नहीं जल रहीं।
जम्मू। स्मार्ट शहर जम्मू शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है। ऐसा तब है जब यहां 96 हजार एलईडी लाइट लगाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में खराब हैं। शहर की पाॅश कालोनियों गांधी नगर शास्त्री नगर और यूनिवर्सिटी रोड जैसे इलाकों में भी यही हाल है। वहीं, पूर्व पार्षदों का कहना है कि शहर में 60 हजार से ज्यादा लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
वार्ड नंबर 75 के पूर्व पार्षद घार सिंह ने कहा कि यहां 1200 लाइटें लगी हैं, लेकिन इनमें से 900 खराब हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 28 के पूर्व पार्षद गौरव चोपड़ा ने कहा कि 1500 लाइटें लगी थीं मगर 1000 से ज्यादा खराब हैं। वार्ड नंबर 46 के पूर्व पार्षद द्वारका चौधरी ने कहा कि 2200 लाइटों में से 1200 से ज्यादा बंद हैं।
शहर भर में एलईडी लाइट प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ खर्च किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक लाइटें ठीक न होने का काम करवा रही ईईएसएल कंपनी द्वारा हायर की एजेंसी बीच में काम छोड़ गई। ऐसे में शहर के तमाम वार्डों में लाइटें खराब हैं। अब कंपनी की ओर से दूसरी एजेंसी हायर की जा रही है। इसके लिए रिटेंडरिंग हो रही है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम सौंपा जाएगा और लाइटों को ठीक किया जाएगा।
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मौजूदा समय में हालत यह है कि शाम ढलते ही गलियाें, सड़कों और पार्कों में अंधेरा छा जाता है। बाजार दुकानों में लगी निजी लाइटों से जगमग हो रहे हैं। यहां स्ट्रीट लाइटें फ्यूज हैं। अमर उजाला टीम ने शहर का दौरा किया। गांधी नगर मोड़ से लेकर नई बस्ती तक 70 में से पांच ही लाइटें जल रही हैं, बाकी फ्यूज हैं। इसी तरह नई बस्ती से लेकर सतवारी के बीच 30 में से दो ही काम कर रही हैं। गांधी नगर बाजार में 55 में से 5 ही लाइटें जल रही हैं। वाल्मीकी चौक से बाहु प्लाजा में 40, यूनिवर्सिटी रोड-पनामा चौक तक 30, बावे मोड़ से पुलिस स्टेशन बाहुफोर्ट तक 40, गुज्जर नगर पुल में 20, हरि सिंह पार्क मार्ग में 30 में से कोई भी लाइट नहीं जल रही। इसी तरह कैनाल रोड में 70 में से 12 लाइटें ही जल रही हैं। कैनाल हेड से लेकर तालाब तिल्लो विकास नगर लेन तक 40 में से 3 ही काम कर रही हैं। खास बात यह है कि लाइटों को कंपनी के माध्यम से ही बदला जाना है। इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम स्थापित होना है। इस पर काम पूरा नहीं हो पाया है।
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96 हजार लाइटें लगी हैं शहर में
शहर में 96 हजार लाइटें लगाई गई हैं। इस पर काम 2021 में आरंभ हुआ था। 2023 में इसे पूरा किया गया है।
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कोट
दूसरी एजेंसी के लिए टेंडर करवाया जा रहा है। जल्द ही लाइटों को ठीक करवाने का काम शुरू होगा। पहले हायर एजेंसी ने बीच में काम रोका था। कितनी लाइटें खराब हैं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
कोट
काम करवा रही एजेंसी ने काम छोड़ दिया है। दूसरी एजेंसी को काम दिया जा रहा है। जल्द ही शहर में लाइटों को बदला जाएगा। इसके अलावा कुछ अन्य मसले हैं, जिनके कारण भी काम रुका है। इनका समाधान किया जा रहा है।
- विवेक तलवार, स्टेट हेड, ईईएसएल
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- गांधी नगर, शास्त्री नगर, यूनिवर्सिटी रोड जैसे पॉश इलाके भी अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
केस : 1- सतवारी से गांधी नगर मोड़ में 20 एलईडी लाइट प्वाइंट, एक भी नहीं जल रही
केस-2 -अशोक नगर मोहल्ला में 22 एलईडी लाइट प्वाइंट, मात्र 6 जल रहीं
केस-3 -शास्त्री नगर बाजार में 50 लाइट प्वाइंट, 40 नहीं जल रहीं।
जम्मू। स्मार्ट शहर जम्मू शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है। ऐसा तब है जब यहां 96 हजार एलईडी लाइट लगाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में खराब हैं। शहर की पाॅश कालोनियों गांधी नगर शास्त्री नगर और यूनिवर्सिटी रोड जैसे इलाकों में भी यही हाल है। वहीं, पूर्व पार्षदों का कहना है कि शहर में 60 हजार से ज्यादा लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
वार्ड नंबर 75 के पूर्व पार्षद घार सिंह ने कहा कि यहां 1200 लाइटें लगी हैं, लेकिन इनमें से 900 खराब हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 28 के पूर्व पार्षद गौरव चोपड़ा ने कहा कि 1500 लाइटें लगी थीं मगर 1000 से ज्यादा खराब हैं। वार्ड नंबर 46 के पूर्व पार्षद द्वारका चौधरी ने कहा कि 2200 लाइटों में से 1200 से ज्यादा बंद हैं।
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शहर भर में एलईडी लाइट प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ खर्च किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक लाइटें ठीक न होने का काम करवा रही ईईएसएल कंपनी द्वारा हायर की एजेंसी बीच में काम छोड़ गई। ऐसे में शहर के तमाम वार्डों में लाइटें खराब हैं। अब कंपनी की ओर से दूसरी एजेंसी हायर की जा रही है। इसके लिए रिटेंडरिंग हो रही है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम सौंपा जाएगा और लाइटों को ठीक किया जाएगा।
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मौजूदा समय में हालत यह है कि शाम ढलते ही गलियाें, सड़कों और पार्कों में अंधेरा छा जाता है। बाजार दुकानों में लगी निजी लाइटों से जगमग हो रहे हैं। यहां स्ट्रीट लाइटें फ्यूज हैं। अमर उजाला टीम ने शहर का दौरा किया। गांधी नगर मोड़ से लेकर नई बस्ती तक 70 में से पांच ही लाइटें जल रही हैं, बाकी फ्यूज हैं। इसी तरह नई बस्ती से लेकर सतवारी के बीच 30 में से दो ही काम कर रही हैं। गांधी नगर बाजार में 55 में से 5 ही लाइटें जल रही हैं। वाल्मीकी चौक से बाहु प्लाजा में 40, यूनिवर्सिटी रोड-पनामा चौक तक 30, बावे मोड़ से पुलिस स्टेशन बाहुफोर्ट तक 40, गुज्जर नगर पुल में 20, हरि सिंह पार्क मार्ग में 30 में से कोई भी लाइट नहीं जल रही। इसी तरह कैनाल रोड में 70 में से 12 लाइटें ही जल रही हैं। कैनाल हेड से लेकर तालाब तिल्लो विकास नगर लेन तक 40 में से 3 ही काम कर रही हैं। खास बात यह है कि लाइटों को कंपनी के माध्यम से ही बदला जाना है। इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम स्थापित होना है। इस पर काम पूरा नहीं हो पाया है।
96 हजार लाइटें लगी हैं शहर में
शहर में 96 हजार लाइटें लगाई गई हैं। इस पर काम 2021 में आरंभ हुआ था। 2023 में इसे पूरा किया गया है।
कोट
दूसरी एजेंसी के लिए टेंडर करवाया जा रहा है। जल्द ही लाइटों को ठीक करवाने का काम शुरू होगा। पहले हायर एजेंसी ने बीच में काम रोका था। कितनी लाइटें खराब हैं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
कोट
काम करवा रही एजेंसी ने काम छोड़ दिया है। दूसरी एजेंसी को काम दिया जा रहा है। जल्द ही शहर में लाइटों को बदला जाएगा। इसके अलावा कुछ अन्य मसले हैं, जिनके कारण भी काम रुका है। इनका समाधान किया जा रहा है।
- विवेक तलवार, स्टेट हेड, ईईएसएल