{"_id":"5af0826b4f1c1b3b0b8b88b3","slug":"stone-pelters-whatsapp-group-on-radar-of-security-agencies","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों पर बढ़ेगी सख्ती, सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर व्हाट्सएप ग्रुप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों पर बढ़ेगी सख्ती, सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर व्हाट्सएप ग्रुप
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 08 May 2018 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में मुठभेड़ स्थल पर आसपास के इलाकों से पत्थरबाजों के जुटने पर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हो गई हैं। एक बार फिर से पत्थरबाजों के व्हाट्सएप ग्रुप उनके रडार पर आ गए हैं। इनपुट है कि हिंसा भड़काने के लिए इन्हें फिर से सक्रिय किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं।
अप्रैल से लेकर अब तक मुठभेड़ स्थल पर हिंसक झड़पों में 16 पत्थरबाज मारे जा चुके हैं, जबकि 250 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। मुठभेड़ स्थल पर न जाने की डीजीपी की हिदायत और मुठभेड़ स्थल से दो किमी के दायरे में जाने पर पाबंदी के बाद भी युवाओं के पहुंचने के पीछे पत्थरबाजों के व्हाट्सएप ग्रुप को जिम्मेदार माना जा रहा है।
ग्रुप में सूचनाएं प्रसारित कर युवाओं से मुठभेड़ स्थल पर पहुंचने की अपील की जाती है। यही वजह है कि दूरदराज से भी युवा पत्थरबाजी करने पहुंच जाते हैं। पिछले दिनों टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की ओर से पत्थरबाजों के ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई से इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें फिर से तेजी आ गई है।
विज्ञापन
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यह महज संयोग नहीं है कि सैकड़ों की तादाद में युवा पत्थरबाजी करने के लिए पहुंच जाते हैं। इसके पीछे सोची समझी साजिश हो सकती है।
विज्ञापन
अप्रैल से लेकर अब तक मुठभेड़ स्थल पर हिंसक झड़पों में 16 पत्थरबाज मारे जा चुके हैं, जबकि 250 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। मुठभेड़ स्थल पर न जाने की डीजीपी की हिदायत और मुठभेड़ स्थल से दो किमी के दायरे में जाने पर पाबंदी के बाद भी युवाओं के पहुंचने के पीछे पत्थरबाजों के व्हाट्सएप ग्रुप को जिम्मेदार माना जा रहा है।
विज्ञापन
ग्रुप में सूचनाएं प्रसारित कर युवाओं से मुठभेड़ स्थल पर पहुंचने की अपील की जाती है। यही वजह है कि दूरदराज से भी युवा पत्थरबाजी करने पहुंच जाते हैं। पिछले दिनों टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की ओर से पत्थरबाजों के ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई से इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें फिर से तेजी आ गई है।
विज्ञापन
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यह महज संयोग नहीं है कि सैकड़ों की तादाद में युवा पत्थरबाजी करने के लिए पहुंच जाते हैं। इसके पीछे सोची समझी साजिश हो सकती है।
मुठभेड़ स्थल पर महिलाओं के भी हिंसा में शामिल होने को गंभीर संकेत माना जा रहा है। इसके लिए महिला अलगाववादियों की गतिविधियों पर भी पैनी निगाह रखने की हिदायत दी गई है। इनपुट है कि इलाके में महिला अलगाववादी पत्थरबाजी के लिए महिलाओं को उकसाती हैं।
स्कूल-कॉलेज में पत्थरबाज ग्रुपों पर रखी जाएगी सख्ती
पिछले कुछ समय से पत्थरबाजी में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के शामिल होने को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने यहां सक्रिय पत्थरबाज ग्रुपों पर सख्ती रखने की हिदायत दी। संबंधित स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां के बच्चों को नियंत्रित रखें और उन्हें स्कूल से बाहर निकलने से रोकें।
मुठभेड़ के दौरान हिंसा में कब कितने पत्थरबाज मारे गए
01 अप्रैल : शोपियां के द्रगड़ में मुठभेड़ में एक पत्थरबाज की मौत
01 अप्रैल : शोपियां के कचदूरा में मुठभेड़ के दौरान तीन पत्थरबाज मारे गए
11 अप्रैल : कुलगाम के खुडवानी में चार पत्थरबाजों की मौत
30 अप्रैल : पुलवामा में समीर टाइगर के साथ मुठभेड़ में एक मारा गया
02 मई : शोपियां के तुर्कवानगाम में एक की मौत
05 मई : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की गाड़ी से कुचलकर एक पत्थरबाज मारा गया
06 मई : शोपियां में सद्दाम पाडर के साथ मुठभेड़ के दौरान पांच नागरिक
स्कूल-कॉलेज में पत्थरबाज ग्रुपों पर रखी जाएगी सख्ती
पिछले कुछ समय से पत्थरबाजी में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के शामिल होने को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने यहां सक्रिय पत्थरबाज ग्रुपों पर सख्ती रखने की हिदायत दी। संबंधित स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां के बच्चों को नियंत्रित रखें और उन्हें स्कूल से बाहर निकलने से रोकें।
मुठभेड़ के दौरान हिंसा में कब कितने पत्थरबाज मारे गए
01 अप्रैल : शोपियां के द्रगड़ में मुठभेड़ में एक पत्थरबाज की मौत
01 अप्रैल : शोपियां के कचदूरा में मुठभेड़ के दौरान तीन पत्थरबाज मारे गए
11 अप्रैल : कुलगाम के खुडवानी में चार पत्थरबाजों की मौत
30 अप्रैल : पुलवामा में समीर टाइगर के साथ मुठभेड़ में एक मारा गया
02 मई : शोपियां के तुर्कवानगाम में एक की मौत
05 मई : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की गाड़ी से कुचलकर एक पत्थरबाज मारा गया
06 मई : शोपियां में सद्दाम पाडर के साथ मुठभेड़ के दौरान पांच नागरिक