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स्टेशनरी बंटी नहीं, कैसे होगा एनपीआर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 21 Dec 2015 08:12 PM IST
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अपडेशन आफ आधार इन नेशनल पोपुलेशन रजिर्स्ड (एनपीआर) का काम मुकम्मल करना चुनौती बन रहा है, क्योंकि सर्वे के लिए मुलाजिमों को दी जाने वाली स्टेशनरी नहीं बंट सकी है।
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कुछ मुलाजिमों ने सर्वे के लिए मिली बुक लेट संबंधित लोगों को यह कहते हए लौटा दी है कि उनकी ड्यूटी दूसरे विभागों में भी है, जहां से उन्हें एनपीआर के कार्य को पूरा करने के लिए छूट नहीं दी जा रही है।
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15 दिसंबर तक 1285 ब्लाक में एनपीआर सर्वे का कार्य मुकम्मल करके बुक लेट जमा करवानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
कई अड़चनों के चलते कार्य अटक गया है, जिस कारण उच्चाधिकारियों को मजबूरन 15 दिसंबर की तारीख को 15 जनवरी 2016 तक आगे बढ़ानी पड़ा है। बावजूद अड़चनें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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जम्मू में कुल 1285 ब्लाक है, जिनमें बठिंडी सहित कई ऐसे वार्ड और ब्लाक हैं, जहां एक से अधिकतर मुलाजिमों को लगाकर एनपीआर का सर्वे हो सकेगा।
विभाग ने 400 मुलाजिमों को तैनात किया है, जिनमें से कुछ मुलाजिमों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर हो चुका है, वे गाहे-बगाहे एनपीआर का काम कर रहे थे, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से सख्ती करने पर उन्हें ड्यूटी पर बुलाया गया है।
जिस कारण उन्होंने एनपीआर के लिए भरी जाने वाली बुक लेट भी वापस लौटा दी है। सूत्रों के अनुसार और अधिक मुलाजिमों को लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है ताकि 15 जनवरी तक एनपीआर का कार्य मुकम्मल हो।