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यात्री निवास का प्रबंधन सेव शारदा कमेटी ट्रस्ट को सौंपा जाए : पंडिता
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बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शारदा मंदिर में सुविधाएं बढ़ाने के फैसले का किया स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सेव शारदा कमेटी के संस्थापक रविंदर पंडिता ने कुपवाड़ा जिले में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। इसमें शारदा मंदिर के लिए यात्री निवास समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। लेकिन, यात्री निवास का प्रबंधन सेव शारदा कमेटी ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है।
बजट सत्र में एक जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि इस क्षेत्र में एलओसी के करीब टीटवाल, नवगाबरा में करनू और बुदनम्बल जैसे सुरम्य गांवों के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की क्षमता है। इन गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं जिसमें तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टीटवाल में शारदा मंदिर में यात्री निवास का निर्माण भी शामिल है।
रविंदर पंडिता ने कहा कि दो साल पहले एलजी के माध्यम से कस्टोडियन जनरल से संपर्क किया था। इसमें 1947 में जो लोग पाकिस्तान चले गए थे उनकी जमीनों की निशानदेही कर उसे ट्रस्ट को लीज पर देने की मांग की थी। सरकार ने इसका फायदा उठाते हुए उक्त भूमि पर यात्री निवास बनाने की घोषणा की है। इससे उस जगह की पवित्रता खत्म होने का डर है। इसलिए मुख्यमंत्री से अपील की है कि यात्री निवास का प्रबंधन सेव शारदा कमिटी ट्रस्ट को सौंपा जाए। यात्री निवास केवल मंदिर के लिए नहीं गुरुद्वारा के लिए भी बने जो वहां उसी परिसर में बनाया गया है।
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गौरतलब है कि पंडिता ने कहा कि इस कदम से बॉर्डर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। जब सुविधा उतनी नहीं थी तब भी वर्ष 2024 में करीब दस हजार यात्री वहां पहुंचे। अब और सुविधाएं प्रदान करने से आंकड़ा बढ़ेगा। सरकार को और सुविधाएं बढ़ाने के लिए क्षेत्र में होम स्टे को प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सेव शारदा कमेटी के संस्थापक रविंदर पंडिता ने कुपवाड़ा जिले में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। इसमें शारदा मंदिर के लिए यात्री निवास समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं। लेकिन, यात्री निवास का प्रबंधन सेव शारदा कमेटी ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है।
बजट सत्र में एक जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि इस क्षेत्र में एलओसी के करीब टीटवाल, नवगाबरा में करनू और बुदनम्बल जैसे सुरम्य गांवों के साथ-साथ एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की क्षमता है। इन गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं जिसमें तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टीटवाल में शारदा मंदिर में यात्री निवास का निर्माण भी शामिल है।
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रविंदर पंडिता ने कहा कि दो साल पहले एलजी के माध्यम से कस्टोडियन जनरल से संपर्क किया था। इसमें 1947 में जो लोग पाकिस्तान चले गए थे उनकी जमीनों की निशानदेही कर उसे ट्रस्ट को लीज पर देने की मांग की थी। सरकार ने इसका फायदा उठाते हुए उक्त भूमि पर यात्री निवास बनाने की घोषणा की है। इससे उस जगह की पवित्रता खत्म होने का डर है। इसलिए मुख्यमंत्री से अपील की है कि यात्री निवास का प्रबंधन सेव शारदा कमिटी ट्रस्ट को सौंपा जाए। यात्री निवास केवल मंदिर के लिए नहीं गुरुद्वारा के लिए भी बने जो वहां उसी परिसर में बनाया गया है।
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गौरतलब है कि पंडिता ने कहा कि इस कदम से बॉर्डर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। जब सुविधा उतनी नहीं थी तब भी वर्ष 2024 में करीब दस हजार यात्री वहां पहुंचे। अब और सुविधाएं प्रदान करने से आंकड़ा बढ़ेगा। सरकार को और सुविधाएं बढ़ाने के लिए क्षेत्र में होम स्टे को प्रोत्साहन देने की जरूरत है।