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Srinagar: राजस्व अधिकारी को दोष सिद्धि के खिलाफ अपील की मिली अनुमति
Fri, 09 Sep 2022 12:52 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 09 Sep 2022 12:52 PM IST
सार
न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम की पीठ ने कहा, मामले में शिकायतकर्ता सहित गवाहों ने पूरी तरह से असंगत और विरोधाभासी बयान दिए हैं, उनकी गवाही विश्वास करने के लायक नहीं है।
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highcourt srinagar
- फोटो : फाइल
विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय ने वीरवार को दो साल से अधिक समय पहले बारामुला के भ्रष्टाचार विरोधी विशेष न्यायाधीश की ओर से एक राजस्व अधिकारी को दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील की अनुमति प्रदान की है।
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न्यायमूर्ति मोहम्मद अकरम की पीठ ने कहा, मामले में शिकायतकर्ता सहित गवाहों ने पूरी तरह से असंगत और विरोधाभासी बयान दिए हैं, उनकी गवाही विश्वास करने के लायक नहीं है। ऐसे गवाहों के साक्ष्य के आधार पर कोई दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति ने कहा, किसी भी गवाह ने शिकायतकर्ता को आरोपी को पैसे सौंपते हुए प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा था।
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इस मामले में गवाही देने वाला शख्स इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है क्योंकि जब घटना हुई तो वह कमरे में नहीं था। अदालत ने कहा कि यह तय है कि सबूतों के अभाव में आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
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मालूम हो कि निचली अदालत ने 27 फरवरी 2020 को राजस्व अधिकारी पटवारी गुलाम मोहम्मद कुमार को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी और कश्मीर के तत्कालीन सतर्कता आयोग की ओर से 2006 में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। कुमार ने निचली अदालत के फैसले और सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।