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Jammu News: औद्योगिक नमक लेकर पहली मालगाड़ी गुजरात से कश्मीर पहुंची
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अनंतनाग में गुड्स शेड में रखा औद्योगिक नमक। स्रोत रेलवे
अनंतनाग के माल गोदाम में रखवाया 1350 टन नमक
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में माल ढुलाई के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शुक्रवार को गुजरात के खाराघोड़ा गुड्स शेड से 1,350 टन औद्योगिक नमक की पहली 21 वैगन रेल खेप के साथ अनंतनाग गुड्स शेड पर सफलतापूर्वक पहुंची।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यह विश्वसनीय और किफायती रेल परिवहन के माध्यम से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ हैं। इस औद्योगिक नमक का उपयोग टैनिंग, पल्प साबुन और कभी-कभी ईंट भट्टों के उद्योग में किया जाता है।
गुड्स ट्रेनों द्वारा औद्योगिक नमक परिवहन की शुरुआत से घाटी में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यात्रा का समय कम होगा और रसद लागत कम होगी। इससे क्षेत्र की सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी। खासकर प्रतिकूल मौसम की स्थिति में जब सड़क संपर्क अक्सर प्रभावित होता है।
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हाल के महीनों में, कश्मीर घाटी में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कश्मीर से सेब की पहली खेप रेल की ओर से दिल्ली और वहां से भारत भर के विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई गई, जिससे स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का एक तेज और अधिक किफायती तरीका मिल गया।
इसी प्रकार, मारुति के वाहन और अन्य सामान ट्रेन द्वारा घाटी में पहुंचाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को सुगम बनाने में रेलवे की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में माल ढुलाई के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शुक्रवार को गुजरात के खाराघोड़ा गुड्स शेड से 1,350 टन औद्योगिक नमक की पहली 21 वैगन रेल खेप के साथ अनंतनाग गुड्स शेड पर सफलतापूर्वक पहुंची।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यह विश्वसनीय और किफायती रेल परिवहन के माध्यम से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ हैं। इस औद्योगिक नमक का उपयोग टैनिंग, पल्प साबुन और कभी-कभी ईंट भट्टों के उद्योग में किया जाता है।
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गुड्स ट्रेनों द्वारा औद्योगिक नमक परिवहन की शुरुआत से घाटी में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यात्रा का समय कम होगा और रसद लागत कम होगी। इससे क्षेत्र की सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी। खासकर प्रतिकूल मौसम की स्थिति में जब सड़क संपर्क अक्सर प्रभावित होता है।
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हाल के महीनों में, कश्मीर घाटी में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कश्मीर से सेब की पहली खेप रेल की ओर से दिल्ली और वहां से भारत भर के विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई गई, जिससे स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का एक तेज और अधिक किफायती तरीका मिल गया।
इसी प्रकार, मारुति के वाहन और अन्य सामान ट्रेन द्वारा घाटी में पहुंचाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को सुगम बनाने में रेलवे की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।