फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Srinagar, Free Women Bus Service, E Buses in Loss, Government not done Payment

Jammu News: सरकार ने नहीं की मुफ्त यात्रा योजना की भरपाई, श्रीनगर में 20 में से 8 ई-बसें खड़ीं

विज्ञापन
Srinagar, Free Women Bus Service, E Buses in Loss, Government not done Payment
- संकट में जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की ई-बस परियोजना
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। श्रीनगर में धन की कमी के कारण मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स खरीदने के लिए आवश्यक फंड न होने से 20 में से 8 ई-बसें खड़ी हो गई हैं। सरकार ने महिलाओं को मुफ्त यात्रा प्रदान करने के लिए जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जेकेएसआरटीसी) को होने वाले नुकसान की भरपाई भी अब तक नहीं की है।
परिवहन विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि कॉर्पोरेशन ने प्रशासन के उस निर्देश के बाद होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को कई बार पत्र लिखे हैं जिसमें महिलाओं से किराया न लेने को कहा गया था। अधिकारियों ने कहा कि अब तक कोई भुगतान जारी नहीं किया गया है। यदि तत्काल पर्याप्त फंडिंग नहीं दी गई तो ई-बस परियोजना का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा।
विज्ञापन

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने सरकार को कई बार लिखा है। यह प्रक्रिया आज भी जारी है। हम महिलाओं को मुफ्त बस सेवा देने के निर्देश से हुए नुकसान की भरपाई मांग रहे हैं। ई-बसों के रोजाना लाखों रुपये के नुकसान की रिपोर्टें समस्या का केवल एक हिस्सा दर्शाती हैं जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। अपर्याप्त फंडिंग के कारण कॉर्पोरेशन समय पर बसों की मरम्मत नहीं कर पा रहा है। कई बसों के टायर डिफ्लेट हो चुके हैं या स्पेयर पार्ट्स की कमी से वे खड़ी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रीनगर में संचालित 20 ई-बसों में से 8 से अधिक खड़ी हो चुकी हैं। यदि स्थिति यूं ही रही तो यह संख्या बढ़ सकती है। नेकां नेतृत्व वाली सरकार ने इस साल एक अप्रैल को जीरो टिकट यात्रा पहल शुरू की थी। इसमें जम्मू-कश्मीर भर में स्मार्ट सिटी ई-बसों और जेकेएसआरटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की अनुमति दी गई। इस कदम को महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।

हालांकि उस समय चिंताएं जताई गई थीं कि महिलाएं कुल यात्रियों का बड़ा हिस्सा हैं और यह पहल निजी परिवहनकर्ताओं की आय को प्रभावित कर सकती है जो महिला यात्रियों पर काफी हद तक निर्भर हैं। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी थी कि यह फैसला पहले से ही नकदी संकट से जूझ रहे राज्य खजाने पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed