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Jammu News: शालिगंगा व सुखनाग नदियों में छोड़े ब्राउन ट्राउट मछलियों के 4,000 बच्चे
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बडगाम की शालिगंगा और सुखनाग नदियों में छोड़े गए 4,000 ब्राउन ट्राउट फिंगरलिंग्स
श्रीनगर। मत्स्य विभाग ने बडगाम जिले के दूधपथरी के निकट शालिगंगा नदी और अरिजाल में रविवार को नाला सुखनाग में ब्राउन ट्राउट प्रजाति की मछलियों के 4,000 बच्चे छोड़े। बडगाम के लिए इस तरह की पहली पहल संयुक्त निदेशक मत्स्य मोहित-उद-दीन माखदूमी के पर्यवेक्षण में की गई।
ब्राउन ट्राउट मछली के बच्चों (ब्राउन ट्राउट फिंगरलिंग्स) की पहली खेप को औपचारिक रूप से नदी में छोड़ना एसडीएम खानसाहिब जहांगीर अहमद ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन में भाग लिया। क्षेत्र के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने तथा मजबूत करने के विभाग के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहल न केवल मछली जैव विविधता का समर्थन करती हैं बल्कि टिकाऊ जलीय कृषि और पर्यटन के माध्यम से आजीविका के अवसर भी पैदा करती हैं। अधिकारियों ने कहा कि ब्राउन ट्राउट फिंगरलिंग्स की पुनःस्टॉकिंग पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, प्राकृतिक मछली आबादी को बढ़ाने और दूधपथरी तथा अरिजाल के मनोरम नदी क्षेत्रों में एंगलर्स तथा पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेगी।
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विभाग ने मध्य कश्मीर के अन्य जल निकायों में भी इसी तरह की पहल करने की योजना घोषित की है ताकि संरक्षण-उन्मुख मछली पालन को आगे बढ़ाया जा सके और ग्रामीण आय स्रोतों को बढ़ावा मिले। संवाद
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ब्राउन ट्राउट मछली के बच्चों (ब्राउन ट्राउट फिंगरलिंग्स) की पहली खेप को औपचारिक रूप से नदी में छोड़ना एसडीएम खानसाहिब जहांगीर अहमद ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन में भाग लिया। क्षेत्र के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने तथा मजबूत करने के विभाग के प्रयासों की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि ऐसी पहल न केवल मछली जैव विविधता का समर्थन करती हैं बल्कि टिकाऊ जलीय कृषि और पर्यटन के माध्यम से आजीविका के अवसर भी पैदा करती हैं। अधिकारियों ने कहा कि ब्राउन ट्राउट फिंगरलिंग्स की पुनःस्टॉकिंग पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, प्राकृतिक मछली आबादी को बढ़ाने और दूधपथरी तथा अरिजाल के मनोरम नदी क्षेत्रों में एंगलर्स तथा पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेगी।
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विभाग ने मध्य कश्मीर के अन्य जल निकायों में भी इसी तरह की पहल करने की योजना घोषित की है ताकि संरक्षण-उन्मुख मछली पालन को आगे बढ़ाया जा सके और ग्रामीण आय स्रोतों को बढ़ावा मिले। संवाद