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Jammu News: लंबे समय से फरार चल रहे 11 अपराधी गिरफ्तार
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- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, पुलवामा, गांदरबल और बारामुला जिलों से आरोपियों को दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को लंबे समय से फरार चल रहे 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि भगोड़ों की तलाश में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने श्रीनगर, पुलवामा, गांदरबल और बारामुला जिलों से इन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर में छह ऐसे भगोड़ों को गिरफ्तार किया है जो वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहे थे। आरोपी महराज-उद-दीन मराजी निवासी सोनवार लालबाजार पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामले में 11 वर्षों से फरार था। अर्शीद अहमद शूरा निवासी बोटा कदल आठ साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। हबीबुल्ला भट निवासी क्रालपोरा कुपवाड़ा 27 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। गौहर अहमद वानी निवासी आरिगाम बडगाम चार साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। माशूक अहमद शेख निवासी रामनगरी शोपियां चार साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। उनीब मुख्तियार नाथखान निवासी 90 फीट रोड सोवरा छह साल से फरार था।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया जिसने लक्षित अभियान चलाकर इन फरार आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद सभी को श्रीनगर में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इसी तरह पुलवामा में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लंबे समय से फरार दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी चौवन केलर निवासी कादिर डार राजपोरा थाने में आईए अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में शामिल है। आरोपी 25 वर्षों से फरार चल रहा था। दूसरे आरोपी मोहम्मद अयूब तेदवा निवासी थायरनू केलर पिछले 10 वर्षों से फरार था। विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना राजपोरा से एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने दोनों भगोड़ों को अलग-अलग स्थानों से काबू किया। गिरफ्तारी के बाद इन्हें
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न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
27 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था
वहीं मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में पुलिस ने एक भगोड़े को गिरफ्तार किया। वह 27 वर्षों से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लतीफ अहमद खुरू निवासी बेमिना श्रीनगर आरपीसी की धारा 457, 380 के तहत दर्ज एफआईआर में वांछित था। पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया। आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उसे जेएमआईसी न्यायालय गांदरबल के समक्ष पेश किया गया।
सोपोर में दो भगोड़े किए काबू
इसके अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में भी पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो भगोड़ों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी 24 साल पुराने मामले में वांछित था। गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अकबर खान निवासी अरखैरवारी रोहामा पंजाला पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में वांछित था। दूसरा आरोपी वारपोरा सोपोर निवासी नबी राथर सोपोर थाने में दर्ज मामले में वांछित था। वह 2019 से गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी मोहम्मद अकबर खान को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बारामुला और अल्ताफ अहमद राथर को डीएमएम कोर्ट सोपोर के समक्ष पेश किया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि लंबे समय से फरार आरोपियों की सफल गिरफ्तारी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस कानून के शासन को बनाए रखने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक बार फिर साबित करता है कि न्याय में देरी हो सकती है लेकिन इसे कभी नकारा नहीं जा सकता।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को लंबे समय से फरार चल रहे 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि भगोड़ों की तलाश में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने श्रीनगर, पुलवामा, गांदरबल और बारामुला जिलों से इन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर में छह ऐसे भगोड़ों को गिरफ्तार किया है जो वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहे थे। आरोपी महराज-उद-दीन मराजी निवासी सोनवार लालबाजार पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामले में 11 वर्षों से फरार था। अर्शीद अहमद शूरा निवासी बोटा कदल आठ साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। हबीबुल्ला भट निवासी क्रालपोरा कुपवाड़ा 27 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। गौहर अहमद वानी निवासी आरिगाम बडगाम चार साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। माशूक अहमद शेख निवासी रामनगरी शोपियां चार साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। उनीब मुख्तियार नाथखान निवासी 90 फीट रोड सोवरा छह साल से फरार था।
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उन्होंने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया जिसने लक्षित अभियान चलाकर इन फरार आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद सभी को श्रीनगर में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इसी तरह पुलवामा में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लंबे समय से फरार दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी चौवन केलर निवासी कादिर डार राजपोरा थाने में आईए अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में शामिल है। आरोपी 25 वर्षों से फरार चल रहा था। दूसरे आरोपी मोहम्मद अयूब तेदवा निवासी थायरनू केलर पिछले 10 वर्षों से फरार था। विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना राजपोरा से एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने दोनों भगोड़ों को अलग-अलग स्थानों से काबू किया। गिरफ्तारी के बाद इन्हें
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न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
27 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था
वहीं मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में पुलिस ने एक भगोड़े को गिरफ्तार किया। वह 27 वर्षों से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लतीफ अहमद खुरू निवासी बेमिना श्रीनगर आरपीसी की धारा 457, 380 के तहत दर्ज एफआईआर में वांछित था। पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया। आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उसे जेएमआईसी न्यायालय गांदरबल के समक्ष पेश किया गया।
सोपोर में दो भगोड़े किए काबू
इसके अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में भी पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो भगोड़ों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी 24 साल पुराने मामले में वांछित था। गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अकबर खान निवासी अरखैरवारी रोहामा पंजाला पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में वांछित था। दूसरा आरोपी वारपोरा सोपोर निवासी नबी राथर सोपोर थाने में दर्ज मामले में वांछित था। वह 2019 से गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी मोहम्मद अकबर खान को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बारामुला और अल्ताफ अहमद राथर को डीएमएम कोर्ट सोपोर के समक्ष पेश किया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि लंबे समय से फरार आरोपियों की सफल गिरफ्तारी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस कानून के शासन को बनाए रखने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक बार फिर साबित करता है कि न्याय में देरी हो सकती है लेकिन इसे कभी नकारा नहीं जा सकता।