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Jammu News: कर्नाटक की भवानी ने नॉर्डिक स्कीइंग में जीते तीन स्वर्ण
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जम्मू-कश्मीर की लड़कियों को परिवार के समर्थन और जागरूकता की जरूरत : भवानी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर/गुलमर्ग। खेलो इंडिया विंटर गेम्स में कर्नाटक की स्कीयर थेक्कडा भवानी नंजुगुंडा ने शनिवार को गोल्फ कोर्स में नॉर्डिक स्कीइंग स्पर्धा में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। शीतकालीन खेलों के चौथे संस्करण में जहां तकनीकी मापदंडों को सीधे भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्रबंधित किया गया है। भवानी ने अपने खेल कौशल से छह बार के ओलंपियन शिव केशवन को प्रभावित किया, जो गुलमर्ग में उपलब्ध शानदार परिस्थितियों को देखते हुए सोचते हैं कि साहसिक खेल में एथलीटों के लिए बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
28 वर्षीय भवानी ने शनिवार को 10 किलोमीटर स्नो दौड़ जीती। इससे पहले चैंपियनशिप में पांच किलोमीटर और 1.6 किलोमीटर की दौड़ में भी जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलों में कर्नाटक के अच्छे प्रदर्शन के लिए उनका सहयोग सराहनीय है। उन्होंने कहा, पहलगाम में जवाहर पर्वतारोहण संस्थान से जुड़ने के बाद संस्थान के प्रिंसिपल और प्रशिक्षकों ने उन्हें क्रॉस कंट्री सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्ष 2020 में पहली बार उन्होंने गुलमर्ग में क्रॉस कंट्री रेस में हिस्सा लिया। यहां सेना की टीमों को देखकर कई तकनीक सीखीं। उन्होंने कहा, गुलमर्ग में सेना के साथ अपना प्रशिक्षण जारी रखा है, जो मुझे आवास और अन्य तकनीकी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
इटली के मिलान कॉर्टिना में 2026 शीतकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखने वाली भवानी ने कहा, शीतकालीन खेलों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। दिलचस्प बात यह है कि भवानी बायथलॉन प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला हैं। इस प्रतियोगिता में आम तौर पर क्रॉस कंट्री स्कीइंग और राइफल शूटिंग का संयोजन होता है। उन्होंने न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण लिया और 2019 में अंतरराष्ट्रीय स्की प्रशिक्षक प्रमाणपत्र हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वह स्लोवेनिया में एफआईएस नॉर्डिक वर्ल्ड स्की चैंपियनशिप 2023 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दक्षिण भारतीय थीं। वह 2023 विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली दक्षिण भारतीय और इस साल की एकमात्र भारतीय हैं। अगर सरकार भारत में शीतकालीन खेलों का समर्थन करती रहे तो भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।
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भवानी का कहना है कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स सही दिशा में एक कदम है और जम्मू-कश्मीर के एथलीट बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, क्योंकि बर्फ उनके कदमों पर है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर की लड़कियों में जागरूकता की कमी है। परिवार का समर्थन महत्वपूर्ण है और रूढ़ियों से दूर होना जरूरी है। जागरूकता बढ़ाने के लिए जूनियर स्तर के टूर्नामेंट भी होने चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर/गुलमर्ग। खेलो इंडिया विंटर गेम्स में कर्नाटक की स्कीयर थेक्कडा भवानी नंजुगुंडा ने शनिवार को गोल्फ कोर्स में नॉर्डिक स्कीइंग स्पर्धा में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। शीतकालीन खेलों के चौथे संस्करण में जहां तकनीकी मापदंडों को सीधे भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्रबंधित किया गया है। भवानी ने अपने खेल कौशल से छह बार के ओलंपियन शिव केशवन को प्रभावित किया, जो गुलमर्ग में उपलब्ध शानदार परिस्थितियों को देखते हुए सोचते हैं कि साहसिक खेल में एथलीटों के लिए बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
28 वर्षीय भवानी ने शनिवार को 10 किलोमीटर स्नो दौड़ जीती। इससे पहले चैंपियनशिप में पांच किलोमीटर और 1.6 किलोमीटर की दौड़ में भी जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलों में कर्नाटक के अच्छे प्रदर्शन के लिए उनका सहयोग सराहनीय है। उन्होंने कहा, पहलगाम में जवाहर पर्वतारोहण संस्थान से जुड़ने के बाद संस्थान के प्रिंसिपल और प्रशिक्षकों ने उन्हें क्रॉस कंट्री सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्ष 2020 में पहली बार उन्होंने गुलमर्ग में क्रॉस कंट्री रेस में हिस्सा लिया। यहां सेना की टीमों को देखकर कई तकनीक सीखीं। उन्होंने कहा, गुलमर्ग में सेना के साथ अपना प्रशिक्षण जारी रखा है, जो मुझे आवास और अन्य तकनीकी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
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इटली के मिलान कॉर्टिना में 2026 शीतकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखने वाली भवानी ने कहा, शीतकालीन खेलों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। दिलचस्प बात यह है कि भवानी बायथलॉन प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला हैं। इस प्रतियोगिता में आम तौर पर क्रॉस कंट्री स्कीइंग और राइफल शूटिंग का संयोजन होता है। उन्होंने न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण लिया और 2019 में अंतरराष्ट्रीय स्की प्रशिक्षक प्रमाणपत्र हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वह स्लोवेनिया में एफआईएस नॉर्डिक वर्ल्ड स्की चैंपियनशिप 2023 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दक्षिण भारतीय थीं। वह 2023 विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली दक्षिण भारतीय और इस साल की एकमात्र भारतीय हैं। अगर सरकार भारत में शीतकालीन खेलों का समर्थन करती रहे तो भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।
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भवानी का कहना है कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स सही दिशा में एक कदम है और जम्मू-कश्मीर के एथलीट बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, क्योंकि बर्फ उनके कदमों पर है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर की लड़कियों में जागरूकता की कमी है। परिवार का समर्थन महत्वपूर्ण है और रूढ़ियों से दूर होना जरूरी है। जागरूकता बढ़ाने के लिए जूनियर स्तर के टूर्नामेंट भी होने चाहिए।