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J&K: खेलों से नाता नहीं, संघों के बने मठाधीश... 52 एसोसिएशन में से 15 के अध्यक्ष राजनेता और कारोबारी

Thu, 30 Mar 2023 05:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार अरुण कुमार, जम्मू
अरुण कुमार, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 30 Mar 2023 05:46 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में 52 खेल एसोसिएशन पंजीकृत हैं, जिनमें से 15 से अधिक के अध्यक्ष/संरक्षक राजनेता या कारोबारी हैं। उनका खेल से दूर-दूर तक नाता नहीं है, लेकिन वह संघों के मठाधीश बने हुए हैं।

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sports in jammu kashmir: 15 out of 52 sports associations presidents are politicians and businessmen
Sports - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में खेलों में राजनीतिक हस्तक्षेप कम करने के सरकार तमाम दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। विभिन्न खेल एसोसिएशन पर राजनेताओं या फिर कारोबारी पृष्ठभूमि के लोगों का कब्जा है। जहां राजनेताओं की दखलंदाजी नहीं है वहां पर एसोसिएशन के बीच वर्चस्व की जंग है, जिसका असर खेल और खिलाड़ियों पर पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में 52 खेल एसोसिएशन पंजीकृत हैं, जिनमें से 15 से अधिक के अध्यक्ष/संरक्षक राजनेता या कारोबारी हैं। उनका खेल से दूर-दूर तक नाता नहीं है, लेकिन वह संघों के मठाधीश बने हुए हैं।

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खेल संघों में राजनेताओं और कारोबारियों का हस्तक्षेप खेल प्रतिभा के आड़े आ रहा है। खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाते हैं, ताकि टीम का हिस्सा बन सकें लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण बैकडोर इंट्री से ऐसे खिलाड़ियों को टीम में जगह मिल जाती है जिससे पदक तो दूर टीमें या खिलाड़ी अंतिम चार में जगह तक नहीं बना पाते हैं।
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राजनेता अपनी रसूख के चलते लंबे समय से एसोसिएशनों में अपना ही एजेंडा चला रहे है। टीम चयन में इनकी भूमिका काफी अहम होती है। अपने पसंदीदा खिलाड़ी का चयन कर प्रतिभा को नजरअंदाज करते हैं। कुछ खेल एसोसिएशन में पदाधिकारी खिलाड़ी ही हैं, लेकिन 70 साल की आयु होने के बाद भी वह पद को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
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खेल एसोसिएशनों के चुनाव बड़े-बड़े होटलों के बंद कमरों में हो रहे हैं। पैसा और राजनीतिक रसूख के चलते ऐसे व्यक्ति बार-बार अध्यक्ष और संरक्षक चुने जा रहे हैं।


57वीं जरनल बॉडी की बैठक के फैसले नहीं हुए लागू

खेल संघों में राजनीतिक लोगों की इंट्री कम हो, इसके लिए पिछले वर्ष उप राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई खेल परिषद की 57वीं बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया था कि खेल संघों के पदाधिकारी बनने के लिए डीसी से गैर राजनीतिक प्रमाणपत्र लेना होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। खेल संघ के चुनाव के लिए वोटर लिस्ट अधिसूचना के 15 दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी करनी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। बैठक के बाद हॉकी एसोसिएशन के चुनाव हुए हैं।

इन खेल एसोसिएशन में राजनेताओं और कारोबारियों का कब्जा
- कराटे : सुनील कुमार शर्मा पूर्व मंत्री
- तीरंदाजी : सांसद जुगल किशोर शर्मा
- बैडमिंटन : पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश शर्मा
- बॉडी बिल्डिंग : पूर्व मंत्री रमन भल्ला
- वेटलिफ्टिंग : पूर्व मंत्री डॉ. निर्मल सिंह
- बास्केटबॉल : पूर्व एमएलसी विक्रमादित्य सिंह (मामला कोर्ट में)
- वालीबाल : सिद्धार्थ दलूजा
- हॉकी : राजीव शर्मा
- रोलर स्केटिंग : गौतम दलूजा
- एथलेटिक : सुनील महाजन
- वुशू : विजय सराफ
- कुश्ती : वासू देव शर्मा
- बॉक्सिंग : डॉ. निर्मोलक सिंह
- हैंडबॉल : नरेंद्र महाजन

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