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ऐतिहासिक दंगल को लेकर तैयारियां शुरू
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दंगल का आयोजन मैदान
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अखनूर। कस्बे में हर वर्ष होने वाले ऐतिहासिक दंगल को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। दंगल कमेटी ने लोगों से संपर्क शुरू कर दिया है।
अखनूर में दो सौ साल से दंगल का आयोजन किया जा रहा है। आजादी से पहले हिंदू-मुसलमान एकता का प्रतीक दंगल में सियालकोट, लाहौर और दिल्ली से पहलवान बुला कर दंगल किया जाता रहा है। चिनाब दरिया के हरि मंदिर घाट में छह अक्टूबर को होने वाले दंगल में क्षेत्र के दुकानदार, सरकारी और निजी कर्मचारी, किसान अपनी-अपनी भागीदारी देकर सफल बनाते हैं। दंगल में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय सहित ईरान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तीन, खजाकिस्तान सहित अन्य देश के पहलवान भाग लेते हैं। दो सौ के आसपास कुश्तियां होती हैं। मुख्य मुकाबला प्रथम तीन कुश्ती का होता है। अखनूर दंगल प्रतियोगिता देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।
दंगल कमेटी के अध्यक्ष रमेश खजूरिया ने बताया कि दंगल को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। जम्मू संभाग में अखनूर दंगल सबसे लोकप्रिय माना जाता है।
सुभाष मेहरा ने बताया कि ऐतिहासिक दंगल में सभी क्षेत्र के लोगों का योगदान रहता है। जो कोई लोग योगदान देकर के पुण्य भी मनाते हैं।
दंगल कमेटी के सदस्य विपिन गुप्ता ने बताया दंगल सफल बनाने के लिए दो माह पहले ही लोगों के सहयोग के लिए तैयारियां शुरू हो जाती हैं।
पहलवान दीपक शर्मा शिवा ने बताया कि अखनूर दंगल जम्मू-कश्मीर सहित आसपास राज्य में भी लोकप्रिय माना जाता है। जिस पर अन्य राज्यों के लोग भी दंगल का लुत्फ लेने आते हैं।
पहलवान शाम लाल ने बताया दंगल में जाने माने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय के अलावा अन्य देशों के पहलवान भी हिस्सा लेते हैं।
पूर्व खिलाड़ी दयाल खजूरिया ने बताया कि वार्षिक दंगल में पहलवान हिस्सा लेने में अपने आपको गर्व महसूस करते हैं।
दुकानदार संजू मनी ने बताया कि ऐतिहासिक दंगल क्षेत्र के लोगों की शान है। जो समय के साथ दंगल के आयोजन में बदलाव नहीं हुआ है। अब भी दंगल देखने वालों भीड़ उमड़ी रहती है।
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अखनूर में दो सौ साल से दंगल का आयोजन किया जा रहा है। आजादी से पहले हिंदू-मुसलमान एकता का प्रतीक दंगल में सियालकोट, लाहौर और दिल्ली से पहलवान बुला कर दंगल किया जाता रहा है। चिनाब दरिया के हरि मंदिर घाट में छह अक्टूबर को होने वाले दंगल में क्षेत्र के दुकानदार, सरकारी और निजी कर्मचारी, किसान अपनी-अपनी भागीदारी देकर सफल बनाते हैं। दंगल में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय सहित ईरान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तीन, खजाकिस्तान सहित अन्य देश के पहलवान भाग लेते हैं। दो सौ के आसपास कुश्तियां होती हैं। मुख्य मुकाबला प्रथम तीन कुश्ती का होता है। अखनूर दंगल प्रतियोगिता देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।
दंगल कमेटी के अध्यक्ष रमेश खजूरिया ने बताया कि दंगल को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। जम्मू संभाग में अखनूर दंगल सबसे लोकप्रिय माना जाता है।
सुभाष मेहरा ने बताया कि ऐतिहासिक दंगल में सभी क्षेत्र के लोगों का योगदान रहता है। जो कोई लोग योगदान देकर के पुण्य भी मनाते हैं।
दंगल कमेटी के सदस्य विपिन गुप्ता ने बताया दंगल सफल बनाने के लिए दो माह पहले ही लोगों के सहयोग के लिए तैयारियां शुरू हो जाती हैं।
पहलवान दीपक शर्मा शिवा ने बताया कि अखनूर दंगल जम्मू-कश्मीर सहित आसपास राज्य में भी लोकप्रिय माना जाता है। जिस पर अन्य राज्यों के लोग भी दंगल का लुत्फ लेने आते हैं।
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पहलवान शाम लाल ने बताया दंगल में जाने माने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय के अलावा अन्य देशों के पहलवान भी हिस्सा लेते हैं।
पूर्व खिलाड़ी दयाल खजूरिया ने बताया कि वार्षिक दंगल में पहलवान हिस्सा लेने में अपने आपको गर्व महसूस करते हैं।
दुकानदार संजू मनी ने बताया कि ऐतिहासिक दंगल क्षेत्र के लोगों की शान है। जो समय के साथ दंगल के आयोजन में बदलाव नहीं हुआ है। अब भी दंगल देखने वालों भीड़ उमड़ी रहती है।
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