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एसएमएस से बताना होगा कितने बच्चों ने खाया मिड-डे-मील

Thu, 17 Mar 2016 10:58 AM IST
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 17 Mar 2016 10:58 AM IST
सार

  • मिड-डे-मील योजना निगरानी के लिए आईवीआरएस प्रोजेक्ट पर काम शुरू
  • जवाबदेह बनाने के लिए इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) प्रोजेक्ट की कवायद शुरू हो गई है। 

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SMS will tell how many children ate mid-day meal
मिड-डे-मील - फोटो : FILE

विस्तार

प्राइमरी से मिडिल स्कूल तक के बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड-डे-मील योजना की अब रियल टाइम मानीटरिंग होगी। जम्मू कश्मीर सहित पूरे देश में मिड-डे-मील योजना सहित स्कूली शिक्षा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) प्रोजेक्ट की कवायद शुरू हो गई है। 

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प्रोजेक्ट के मूर्तरूप लेने पर मिड-डे-मील योजना से जुड़े स्कूलों को एसएमएस के माध्यम से रोजाना बच्चों की हाजिरी, आहार विवरण, राशन की खपत और समय पालन की जानकारी देनी होगी। रियल टाइम मानीटरिंग के तहत रोजाना संकलित होने वाली जानकारी स्कूलों से डिवीजन, राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर के डाटाबेस में दर्ज होती जाएगी। 
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केंद्रीय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालयों ने इस बाबत तमाम राज्यों को तैयारी के लिए आदेश जारी किया है। इसी क्रम में स्कूली शिक्षा निदेशालय जम्मू ने तमाम स्कूलों से आईवीआरएस प्रोजेक्ट की तैयारियों के लिए आंकड़े मांगे हैं। 

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आईवीआरएस प्रोजेक्ट पर पहली जुलाई 2016 से देश के तमाम राज्यों में अमल शुरू हो जाएगा

SMS will tell how many children ate mid-day meal

बाकायदा बीस मार्च तक की मोहलत देकर मिडिल स्तर के स्कूलों को हेडमास्टर, मिड-डे-मील इंचार्ज शिक्षक और दूसरे शिक्षक के मोबाइल नंबर देने को कहा गया है। आईवीआरएस प्रोजेक्ट पर पहली जुलाई 2016 से देश के तमाम राज्यों में अमल शुरू हो जाएगा। 

इस प्रोजेक्ट पर अमल शुरू होते ही डाटाबेस में दर्ज नंबरों पर रोजाना एसएमएस जाएगा, जिसका एसएमएस से ही जानकारी सहित जवाब देना होगा। स्कूली शिक्षा निदेशक जम्मू स्मिता सेठी ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत मिड-डे-मील योजना की मानीटरिंग में कई दिक्कतें आती हैं। 

आईवीआरएस प्रोजेक्ट के लागू होने से मिड-डे-मील के मद में जारी होने वाली राशि के सटीक क्रियान्वयन, दैनिक रूप से स्कूल में बच्चों की हाजिरी और योजना पर अमल के लिए जिम्मेदार स्टाफ की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। सभी स्कूलों से 20 मार्च तक मोबाइल नंबर दर्ज करवाने को कहा गया है।

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