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Jammu News: तीसरी आंख पर अव्यवस्था का चश्मा... एक महीने बाद भी शोपीस बने स्मार्ट कैमरे
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। संवेदनशील चौक-चौराहाें पर खराब हुए स्मार्ट कैमरे दोबारा लगाने में अभी एक महीना और लग सकता है, क्योंकि न तो मरम्मत हुई है और न ही बिजली व्यवस्था। अब कैमरों के लिए 25 केवी क्षमता के अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाने का दावा किया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से कैमरे बहुत जरूरी हैं। सबसे संवेदनशील स्थानों पर इसलिए कैमरे लगाए गए क्योंकि शहर में बाहरी राज्यों और अंतरराज्यीय वाहनों की 60 फीसदी मूवमेंट यहीं से होती है। पांच लाख रुपये की कीमत के 360 डिग्री नजर रखने वाले कैमरे सतवारी, लास्ट मोड़, मेन स्टॉप, एशिया चौक, विक्रम चौक पर शोपीस बन चुके हैं। करीब एक महीना पहले कैमरों को बिना अर्थिंग और नियंत्रित सप्लाई के लिए इंस्टाल कर दिया गया था। इस वजह से हाई वोल्टेज नहीं सह पाए और खराब हो गए। कैमरों को इस मकसद से भी लगाया था कि हादसे, शरारती तत्वों और संदिग्ध मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। इसके बावजूद एक महीने से कैमरों ने अव्यवस्था का चश्मा पहना हुआ है।
दो जगहों पर करवा दी है मरम्मत
नगर निगम आयुक्त राहुल यादव का कहना है कि पीडीडी से बात की गई है। कैमरों को व्यवस्थित तरीके से इंस्टॉल किया जाएगा ताकि दोबारा खराब न हो। एक से दो जगहों पर कैमराें की मरम्मत कर लगाया गया है। बाकी के कैमरों के लिए अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत पड़ेगी। एक महीने तक कैमरों को दोबारा इंस्टॉल कर दिया जाएगा।
जम्मू। संवेदनशील चौक-चौराहाें पर खराब हुए स्मार्ट कैमरे दोबारा लगाने में अभी एक महीना और लग सकता है, क्योंकि न तो मरम्मत हुई है और न ही बिजली व्यवस्था। अब कैमरों के लिए 25 केवी क्षमता के अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाने का दावा किया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से कैमरे बहुत जरूरी हैं। सबसे संवेदनशील स्थानों पर इसलिए कैमरे लगाए गए क्योंकि शहर में बाहरी राज्यों और अंतरराज्यीय वाहनों की 60 फीसदी मूवमेंट यहीं से होती है। पांच लाख रुपये की कीमत के 360 डिग्री नजर रखने वाले कैमरे सतवारी, लास्ट मोड़, मेन स्टॉप, एशिया चौक, विक्रम चौक पर शोपीस बन चुके हैं। करीब एक महीना पहले कैमरों को बिना अर्थिंग और नियंत्रित सप्लाई के लिए इंस्टाल कर दिया गया था। इस वजह से हाई वोल्टेज नहीं सह पाए और खराब हो गए। कैमरों को इस मकसद से भी लगाया था कि हादसे, शरारती तत्वों और संदिग्ध मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। इसके बावजूद एक महीने से कैमरों ने अव्यवस्था का चश्मा पहना हुआ है।
दो जगहों पर करवा दी है मरम्मत
नगर निगम आयुक्त राहुल यादव का कहना है कि पीडीडी से बात की गई है। कैमरों को व्यवस्थित तरीके से इंस्टॉल किया जाएगा ताकि दोबारा खराब न हो। एक से दो जगहों पर कैमराें की मरम्मत कर लगाया गया है। बाकी के कैमरों के लिए अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत पड़ेगी। एक महीने तक कैमरों को दोबारा इंस्टॉल कर दिया जाएगा।
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