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जम्मू-कश्मीरः श्रीनगर-बारामुला हाईवे के बीच में आ रहा गुरुद्वारा हटाने को तैयार हुए सिख समुदाय
Fri, 13 Dec 2019 09:46 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 13 Dec 2019 09:46 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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कश्मीर घाटी के सिखों ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करते हुए 72 वर्ष पुराने गुरुद्वारे को आम सहमति से हटाने पर सहमति दे दी। इसके साथ ही श्रीनगर से बारामुला को जोड़ने वाले राजमार्ग के निर्माण की बाधा दूर हो गई। इस गुरुद्वारे के कारण पिछले एक दशक से हाईवे के इस टुकड़े का निर्माण अटका हुआ था। पिछले दिनों सिख समुदाय और श्रीनगर जिला प्रशासन के बीच हुए एक समझौते के अनुसारए एक नया गुरुद्वारा पास में ही एक वैकल्पिक स्थल पर बनाया जाएगा।
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श्रीनगर में 1947 में स्थापित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में मुख्य रूप से पाकिस्तान से आए प्रवासी परिवारों को आश्रय दिया। इसके अलावा यहां वर्ष 2010 में आई बाढ़ पीड़ितों को भी आश्रय दिया गया। श्रीनगर-बारामुला सड़क परियोजना के पूरा होने में जो चार प्रमुख अड़चनें थीं, गुरुद्वारा उसमें से एक था। इस हाईवे का अधिकांश भाग वर्ष 2013 में पूरा हो गया था, परंतु जम्मू -कश्मीर उच्च न्यायालय में एक मुकदमे ने गुरुद्वारा की जगह से संबंधित मामले को वर्षों तक लटकाए रखा।
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पिछले सप्ताह श्रीनगर के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने मामले में गतिरोध तोड़ने के लिए खुद पहल की और इस मुद्दे का सौहार्द पूर्ण समाधान निकालने के लिए सिख समुदाय के पास पहुंचे।
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भारत सरकार ने 2006 में श्रीनगर से बारामूला तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निमार्ण शुरू किया था। बाद में इस परियोजना को प्रधानमंत्री विकास योजना के तहत वित्त पोषित किया गया। जिस सड़क पर गुरुद्वारा था उस सड़क का विस्तार सीमा सड़क संगठन(बीआरओ) द्वारा किया गया था, जबकि अनंतनाग-श्रीनगर खंड का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया गया था। 2013 में सड़क पूरी हो गई, लेकिन चार अड़चनें बनी रहीं। अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल पंप के विध्वंस और बिजली लाइनों और पानी की आपूर्ति लाइनों को शिफ्ट करने का काम भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों में काम पूरा होने की संभावना है। इस महीने बीआरओ सड़क के निर्माण का काम शुरू कर देगा।
-भवन गिराने का काम शुरू
वीरवार को उपायुक्त और गुरुद्वारा प्रबंधन की उपस्थिति में, गुरुद्वारा दमदमा साहिब भवन को हटान का काम शुरू कर दिया गया। नए गुरुद्वारे के निर्माण तक गुरुद्वारा एक अस्थायी स्थान पर चलता रहेगा। प्रदेश के सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सिख समुदाय की ओर से डिजाइन सौंपी गई है जिसके अनुसार गुरुद्वारा के निर्माण किया जाएगा।
ये थी चार अड़चनें
1-गुरुद्वारा भवन
2-बिजली लाइन
3- पेट्रोल पंप
4- पानी की आपूर्ति लाइन