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अरनियां मुठभेड़: मातम में बदलीं शादी की खुशियां

Thu, 27 Nov 2014 07:51 PM IST
Updated Thu, 27 Nov 2014 07:51 PM IST
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side story on arnia encounter

अरनियां निवासी सुनील के छोटे भाई संजीव की सोमवार को शादी थी। घर में जश्न का माहौल था। हर कोई शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था कि अचानक आतंकी हमले में सुनील के मारे जाने की खबर ने सब खत्म कर दिया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और घर में चीख-पुकार मच गई।

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अरनिया के अला गांव के रहने वाला सुनील कुमार अपने ट्रैक्टर चालक राकेश के साथ वीरवार सुबह साढ़े सात बजे अपने खेत में पराली लेकर गए थे। करीब दो घंटे के बाद घर में सूचना आई कि सुनील को गोली लगी है, जिसके बाद उसे बिश्नाह के उपजिला अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और शादी के मौके पर जमा हुए रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए।
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यहां से डॉक्टरों ने उसे जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही सुनील ने दम तोड़ दिया। जीएमसी में सुनील के पिता थोड़ूराम, भाई संजीव और छोटे भाई सहित सुनील की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपनी सुधबुध खो चुकी थी। वहीं, घर पर सुनील का शव पहुंचने पर जैसी ही मां ने अपने बेटे का चेहरा देखा, वह बेहोश हो कर गिर गई।
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पत्नी ने खोई सुधबुध, बेटे का शव देख मां हुई बेहोश

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रिश्तेदारों से बात करने पर पता चला कि सोमवार को सुनील के छोटे भाई संजीव की शादी थी। सभी इसकी तैयारियों में जुटे हुए थे। सुनील के पिता थोड़ूूराम बीएसएफ के रिटायर्ड इंस्पेक्टर हैं। सुनील और उसके दो अन्य भाइयों की दुकान है। वीरवार सुबह सुनील अपने ट्रैक्टर चालक राकेश के साथ खेत में गया था। वहां वह आतंकियों की गोली का शिकार बन गया।

टैक्टर चालक राकेश का कोई पता नहीं चल सका है। सुनील की तीन साल पहले ही शादी हुई थी और उनका दो साल का एक बेटा भी है। विलाप करते रिश्तेदारों ने बताया कि बचपन में एक बार सुनील बहुत बीमार हो गया था। उसके बचने की कोई संभावना नहीं थी। सभी को लग रहा था कि वह बचेगा नहीं, लेकिन वह बच गया। सुनील के पिता रोते-रोते यही सब दोहरा रहे थे।

कहां है राकेश?

अस्पताल आए रिश्तेदारों और गांव के अन्य लोग राकेश के तापता होने को लेकर सन्न हैं। हर कोई इसे लेकर दुविधा में है कि राकेश जिंदा है या फिर उसे भी आतंकियों ने मार दिया है। उसका कोई पता नहीं चलने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

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