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कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार करने वालों को मिलें सजा, राजभवन के बाहर शहीदी दिवस पर प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 15 Sep 2018 02:28 AM IST
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- फोटो : फाइल
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कश्मीरी पंडितों को मौत के घात उतारने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर शहीदी दिवस पर राजभवन के बाहर आल स्टेट कश्मीरी पंडित कांफ्रेंस ने प्रदर्शन किया। शुक्रवार को प्रदर्शन में कश्मीरी पंडितों से जुड़े अलग-अलग एसोसिएशन के सदस्यों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक चला।
कांफ्रेंस के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि कश्मीरी पंडितों पर काफी अत्याचार हुए हैं। बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है। कुल 1441 कश्मीरी पंडितों को मौत के घाट उतारा गया था। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। पंडितों को मारने वाले आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। इन पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। प्रदेश में सरकार आईं और गईं मगर कोई कार्रवाई नहीं हो पाया है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि मसले के हल के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए। कश्मीरी पंडित न्याय की आस में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बडग्राम, उधमपुर, गंदरबाल, पुलवामा और अन्य जगहों में कश्मीरी पंडितों को मारा गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को होमलैंड का अधिकार मिलना चाहिए।
सभी कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में बसाया जाए। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। लंबे समय से कश्मीरी पंडित घर वापसी की बात कर रहे हैं। हालात खराब होने के कारण कश्मीरी पंडित जम्मू समेत अन्य राज्य में रह रहे हैं। इस मौके पर डॉ. टीके भट्ट और अन्य मौजूद रहे।
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कांफ्रेंस के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि कश्मीरी पंडितों पर काफी अत्याचार हुए हैं। बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है। कुल 1441 कश्मीरी पंडितों को मौत के घाट उतारा गया था। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। पंडितों को मारने वाले आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। इन पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। प्रदेश में सरकार आईं और गईं मगर कोई कार्रवाई नहीं हो पाया है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि मसले के हल के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए। कश्मीरी पंडित न्याय की आस में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बडग्राम, उधमपुर, गंदरबाल, पुलवामा और अन्य जगहों में कश्मीरी पंडितों को मारा गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को होमलैंड का अधिकार मिलना चाहिए।
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सभी कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में बसाया जाए। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। लंबे समय से कश्मीरी पंडित घर वापसी की बात कर रहे हैं। हालात खराब होने के कारण कश्मीरी पंडित जम्मू समेत अन्य राज्य में रह रहे हैं। इस मौके पर डॉ. टीके भट्ट और अन्य मौजूद रहे।
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