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Jammu News: मंकीपाॅक्स के संक्रामक खतरों के बचाव पर जोर
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जम्मू में एमपॉक्स वायरस रोग पर हुई एक बहु विभागीय संगोष्ठी में संक्रामक रोगों से निपटने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने एमपॉक्स (मंकीपाॅक्स) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बताया यह एक संक्रामक रोग है जो वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को चुनौती दे रहा है।
कन्वेंशन सेंटर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, वरिष्ठ और कनिष्ठ रेजीडेंट, नर्सिंग अधिकारियों और एमबीबीएस छात्रों ने हिस्सा लिया। माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री और जनरल मेडिसिन विभागों के विशेषज्ञों ने एमपाक्स के बचाव पर जोर दिया। माइक्रोबायोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष रंजन और सामुदायिक चिकित्सा के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. प्रतीक बोभाटे ने एमपॉक्स की महामारी विज्ञान, वर्तमान स्थिति और जोखिम मूल्यांकन पर प्रकाश डाला, जिसे अब 100 से अधिक देशों में रिपोर्ट किया गया है।
रोग के तेजी से प्रसार और संबंधित जोखिमों के प्रबंधन के लिए प्रभावी संचार रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जैव रसायन की सहायक प्रोफेसर डॉ. स्वाति राजपूत ने वायरस से निपटने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया। जनरल मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता ने एमपॉक्स के संदिग्ध मामले के प्रबंधन के दृष्टिकोण का अवलोकन प्रदान किया। इस दौरान एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक व सीईओ प्रो. डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जम्मू। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जम्मू में एमपॉक्स वायरस रोग पर हुई एक बहु विभागीय संगोष्ठी में संक्रामक रोगों से निपटने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने एमपॉक्स (मंकीपाॅक्स) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बताया यह एक संक्रामक रोग है जो वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को चुनौती दे रहा है।
कन्वेंशन सेंटर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, वरिष्ठ और कनिष्ठ रेजीडेंट, नर्सिंग अधिकारियों और एमबीबीएस छात्रों ने हिस्सा लिया। माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री और जनरल मेडिसिन विभागों के विशेषज्ञों ने एमपाक्स के बचाव पर जोर दिया। माइक्रोबायोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष रंजन और सामुदायिक चिकित्सा के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. प्रतीक बोभाटे ने एमपॉक्स की महामारी विज्ञान, वर्तमान स्थिति और जोखिम मूल्यांकन पर प्रकाश डाला, जिसे अब 100 से अधिक देशों में रिपोर्ट किया गया है।
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रोग के तेजी से प्रसार और संबंधित जोखिमों के प्रबंधन के लिए प्रभावी संचार रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जैव रसायन की सहायक प्रोफेसर डॉ. स्वाति राजपूत ने वायरस से निपटने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया। जनरल मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता ने एमपॉक्स के संदिग्ध मामले के प्रबंधन के दृष्टिकोण का अवलोकन प्रदान किया। इस दौरान एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक व सीईओ प्रो. डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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