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J&K: ईरान छोड़ डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए बांग्लादेश की ओर मुड़े विद्यार्थी, जून-जुलाई से शुरू हो रहा है नया सत्र

Wed, 25 Jun 2025 05:47 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Wed, 25 Jun 2025 05:47 PM IST
सार

ईरान में बिगड़ते हालात के चलते मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र वहां से लौट आए हैं और अब बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, जॉर्जिया जैसे देशों का रुख कर रहे हैं। 

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Seeing the situation in Iran, students turned to Bangladesh for medical studies
कश्मीरी छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान में मुश्किल हालात को देखते हुए वहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी लौट आए हैं। वहां के लिए कंसल्टेंसी भी बंद है। इसका फायदा दूसरे देशों को हो रहा है। जम्मू-कश्मीर से छात्र डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए बांग्लादेश के लिए उड़ान भर रहे हैं। कोविड के बाद से वहां का शैक्षिक सत्र काफी लेट चल रहा है। इसका यहां के छात्रों को भी लाभ मिल रहा है।बांग्लादेश में जनवरी की जगह अब वहां जून-जुलाई से नया सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में वर्तमान में पिछले सीजन में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) क्वालिफाई करने वाले अब बांग्लादेश जानेके लिए हैं।

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भारत में नीट के वैधता संबंधी नियम नेशनल मेडिकल कमीशन यानी एनएमसी तय करता है। भारत के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए नीट का स्कोर केवल एक साल तक ही मान्य रहता है, लेकिन विदेशों के मेडिकल कॉलेजों में आवेदन करने की स्थिति में यह तीन साल तक वैध रहता है।श्रीनगर स्थित वीजा कंसल्टेंसी के मैनेजर रउफ बताते हैं कि पहले ईरान से मेडिकल कोर्स कराना छात्रों में काफी लोकप्रिय था, लेकिन अब वहां के हालात को देखते हुए छात्र बांग्लादेश जा रहे हैं।
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रउफ के अनुसार भारत के मुकाबले बांग्लादेश में मेडिकल की पढ़ाई काफी सस्ती है। वहां एमबीबीएस करने में खर्च 30 लाख से 50 लाख रुपये के बीच आता है। बांग्लोदश के साथ ही यहां से उज्बेकिस्तान जाने वाले भी छात्र काफी हैं। वहां पढ़ाई का खर्च 20 से 25 लाख रुपये के बीच पड़ता है।जम्मू स्थित वीजा कंसल्टेंसी की राखी बताती हैं कि जॉजिया, किर्गिस्तान जैसे देशों का रुख करने वाले छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। यहां से भी करीब 30 लाख रुपये में एमबीबीएस की पढ़ाई संभव है। उनके मुताबिक इन देशों की एमबीबीएस डिग्री को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया यानी एमसीआई की मान्यता है। इसलिए वहां से कोर्स करने के बाद फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (एफएमईजी) पास करके वे भारत लौटकर इंटर्नशिप कर लेते हैं।
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