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Jammu News: युद्ध की स्थिति में सैनिकों को तत्काल लक्ष्य तक पहुंचाएगी वायुसेना
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जम्मू में टाइगर डिविजन और वायुसेना ने युद्ध की स्थिति में समन्वय पर किया अभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युद्ध की स्थिति में सीमा पर सैनिकों की तत्काल तैनाती, हवाई युद्धाभ्यास और सटीक लक्ष्य हासिल करने की दिशा में सेना और वायुसेना ने एक संयुक्त अभ्यास किया। अभ्यास में सेना के जवानों को वायुसेना के हेलिकाॅप्टर एक जगह से उठाकर दूसरी जगह ले गए। इस संयुक्त तैयारी का उद्देश्य दोनों के बीच समन्वय बढ़ाना है।
सेना की टाइगर डिविजन और वायुसेना की ओर से किए गए एकीकृत प्रशिक्षण में जम्मू वायुसेना स्टेशन व सेना के कुछ बेस का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेना के प्रवक्ता सुनील बरतल ने बताया कि अभ्यास की मदद से वास्तविक समय की परिचालन चुनौतियों के लिए तैयारी सुनिश्चित करना है। इस विशेष प्रशिक्षण में भारतीय वायु सेना के हेलिकाप्टरों ने एक माउंटिंग बेस से सैनिकों को एयरलिफ्ट किया। जिन्हें फिर सफलतापूर्वक लक्ष्य निर्धारित क्षेत्र में छोड़ा गया। जवानों को हेलिकाॅप्टर से उतारकर नकली युद्ध परिदृश्य में समन्वित हमले का प्रदर्शन किया। इस उच्च गति वाले अभ्यास ने दोनों बलों के बीच तालमेल और आधुनिक समय के युद्ध के माहौल में हवाई गतिशीलता के रणनीतिक महत्व को प्रदर्शित किया।
तैयारी समय की जरूरत
बता दें कि मौजूदा समय में चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी तरफ की सीमाओं को मजबूत कर रहे हैं। सैनिकों की तैनाती बढ़ाने से लेकर अन्य तरह का ढांचा मजबूत कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर भारतीय सेना भी तैयारी कर रही है। ताकि किसी भी स्थिति में सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह तत्काल पहुंचाया जाए। बशर्ते इसके लिए वायुसेना तैयार रहे और सेना के साथ बेहतर समन्वय हो।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युद्ध की स्थिति में सीमा पर सैनिकों की तत्काल तैनाती, हवाई युद्धाभ्यास और सटीक लक्ष्य हासिल करने की दिशा में सेना और वायुसेना ने एक संयुक्त अभ्यास किया। अभ्यास में सेना के जवानों को वायुसेना के हेलिकाॅप्टर एक जगह से उठाकर दूसरी जगह ले गए। इस संयुक्त तैयारी का उद्देश्य दोनों के बीच समन्वय बढ़ाना है।
सेना की टाइगर डिविजन और वायुसेना की ओर से किए गए एकीकृत प्रशिक्षण में जम्मू वायुसेना स्टेशन व सेना के कुछ बेस का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेना के प्रवक्ता सुनील बरतल ने बताया कि अभ्यास की मदद से वास्तविक समय की परिचालन चुनौतियों के लिए तैयारी सुनिश्चित करना है। इस विशेष प्रशिक्षण में भारतीय वायु सेना के हेलिकाप्टरों ने एक माउंटिंग बेस से सैनिकों को एयरलिफ्ट किया। जिन्हें फिर सफलतापूर्वक लक्ष्य निर्धारित क्षेत्र में छोड़ा गया। जवानों को हेलिकाॅप्टर से उतारकर नकली युद्ध परिदृश्य में समन्वित हमले का प्रदर्शन किया। इस उच्च गति वाले अभ्यास ने दोनों बलों के बीच तालमेल और आधुनिक समय के युद्ध के माहौल में हवाई गतिशीलता के रणनीतिक महत्व को प्रदर्शित किया।
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तैयारी समय की जरूरत
बता दें कि मौजूदा समय में चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी तरफ की सीमाओं को मजबूत कर रहे हैं। सैनिकों की तैनाती बढ़ाने से लेकर अन्य तरह का ढांचा मजबूत कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर भारतीय सेना भी तैयारी कर रही है। ताकि किसी भी स्थिति में सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह तत्काल पहुंचाया जाए। बशर्ते इसके लिए वायुसेना तैयार रहे और सेना के साथ बेहतर समन्वय हो।
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