अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका, LOC पर सुरक्षा बढ़ी
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सेना ने श्री अमरनाथ यात्रा को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए सुरक्षा के तमाम बंदोबस्त कर लिए हैं। खासकर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बर्फ के पिघलने के बाद घुसपैठ की आशंकाओं को देखते हुए सेना ने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है।
उत्तरी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर सेना ने अपनी ओर से सभी तैयारियां कर ली हैं।
एलओसी पर किसी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है। नियंत्रण रेखा के आसपास बर्फ पिघलने के साथ ही सैनिकों को विशेष तौर पर सतर्क कर दिया गया है।
हुड्डा ने कहा, ‘सैनिकों की संख्या बढ़ाने के अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त बाड़ को भी दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।’
बीएसएफ ने भी बना ली है अपनी रणनीति
लेफ्टिनेंट जनरल मंगलवार को उत्तर रेलवे के डीटीएम (जम्मू) राम नाथ मीणा के सम्मान में आयोजित एक समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की सूचनाओं पर लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि एलओसी पर घुसपैठ काफी कठिन है।
बाढ़ के कारण एलओसी पर कई स्थानों में बाड़ क्षतिग्रस्त हो गई है। इसका लाभ उठाने की आतंकी कोशिश करेंगे, लेकिन भारतीय सैनिक समस्या को देखते हुए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने कहा कि सेना की ओर से पूरी सख्ती बरती जा रही है।
कई स्थानों पर सेकेंड टायर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। पुलिस भी तैनात है। बीएसएफ ने घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए अपनी रणनीति को मजबूत किया है।
आगामी गर्मियों में कश्मीर में किसी तरह की अशांति की आशंकाओं पर हुड्डा ने कहा कि सेना किसी भी तरह की परिस्थितियों में कार्रवाई को तैयार हैं।