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Jammu News: सावन का दूसरा सोम, शिवालयों में जपा ओम
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। अलसुबह ही भक्त मंदिरों में पहुंचने शुरू हो गए। कतार में बारी-बारी भोलेनाथ के दर्शन किए। साथ ही ओम नमः शिवाय जपकर विधिविधान से पूजा-अर्चना की। शिव मंदिर, आप शंभू मंदिर, रणवेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जलाभिषेक हुआ। मान्यता है कि सावन में शिवजी की सच्चे मन से पूजा करने से हर पाप कट जाता है और मुक्ति का रास्ता खुलता है। भक्तों ने बेल पत्र, दूध, शहद, दही, धतूरा व भांग के साथ शिवलिंग का अभिषेक किया।
जानीपुर के आप शंभू मंदिर में पंडित द्वारका ने बताया कि मंदिर में रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों को कोई परेशानी न हो इसलिए पहले से ही प्रबंध किए हैं। भोलेनाथ के खास माह के चलते मंदिर के कपाट दोपहर को भी खुले हैं। आम दिनों में दोपहर 1ः30 से 4 बजे तक मंदिर बंद रहता है। जलाभिषेक का समय तड़के 4 बजे है। वहीं, रणवेश्वर मंदिर के पंडित दीपक शर्मा ने बताया-हजारों श्रद्धालु तड़के 4 बजे ही पहुंच गए। आरती अलसुबह 4ः30 की गई और 5ः30 बजे शिव स्तुति का उच्चारण हुआ।
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जम्मू। सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। अलसुबह ही भक्त मंदिरों में पहुंचने शुरू हो गए। कतार में बारी-बारी भोलेनाथ के दर्शन किए। साथ ही ओम नमः शिवाय जपकर विधिविधान से पूजा-अर्चना की। शिव मंदिर, आप शंभू मंदिर, रणवेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जलाभिषेक हुआ। मान्यता है कि सावन में शिवजी की सच्चे मन से पूजा करने से हर पाप कट जाता है और मुक्ति का रास्ता खुलता है। भक्तों ने बेल पत्र, दूध, शहद, दही, धतूरा व भांग के साथ शिवलिंग का अभिषेक किया।
जानीपुर के आप शंभू मंदिर में पंडित द्वारका ने बताया कि मंदिर में रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों को कोई परेशानी न हो इसलिए पहले से ही प्रबंध किए हैं। भोलेनाथ के खास माह के चलते मंदिर के कपाट दोपहर को भी खुले हैं। आम दिनों में दोपहर 1ः30 से 4 बजे तक मंदिर बंद रहता है। जलाभिषेक का समय तड़के 4 बजे है। वहीं, रणवेश्वर मंदिर के पंडित दीपक शर्मा ने बताया-हजारों श्रद्धालु तड़के 4 बजे ही पहुंच गए। आरती अलसुबह 4ः30 की गई और 5ः30 बजे शिव स्तुति का उच्चारण हुआ।
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