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Jammu News: शिकायत लेकर थाने पहुंचे पीड़ित को पुलिस ने बनाया शराबी, 5 घंटे अस्पतालों में घुमाया
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चार जगह हुए टेस्ट, हर बार निकला बेदाग, पत्नी ने एसएसपी से की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग
राजीव सिंह लंगेह
अरनिया। थाना पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। खेत में पशुओं से सब्जियों को नुकसान पहुंचने की शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे अरनिया निवासी विनोद सैनी को पुलिस ने उसकी बात सुनने के बजाए उल्टा प्रताड़ित किया।
आरोप है कि पुलिस ने उसे शराब पीने के झूठे मामले में फंसाकर पांच घंटे तक अस्पतालों में बार-बार मेडिकल परीक्षण कराने के लिए घुमाया। इस मामले में पीड़ित की पत्नी अधिवक्ता निशा सैनी ने डीआईजी जम्मू कठुआ सांबा रेंज श्रीधर पाटिल और एसएसपी जम्मू से थाना प्रभारी दर्शन सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
पत्नी की ओर दी गई शिकायत के अनुसार, 16 अक्टूबर को उनके कृषि क्षेत्र में उगाई गई सब्जियों को कुछ लोगों के पशुओं ने नष्ट कर दिया। रात करीब 8 बजे इसकी शिकायत करने पति विनोद सैनी अरनिया थाना पहुंचे, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बजाय उन्हें शराब पीने का आरोपी बताया गया। उनका मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
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शिकायत में कहा गया है कि विनोद सैनी को पहले पीएचसी अरनिया ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने शराब सेवन न करने की पुष्टि की। इसके बाद उन्हें गांधीनगर अस्पताल जम्मू और फिर जीएमसी जम्मू ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने शराब न पीने के संकेत दर्ज किए। इसके बावजूद उन्हें गांधीनगर अस्पताल ले जाकर ब्लड एल्कोहल लेवल टेस्ट के लिए खून का नमूना लिया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्रयोगशाला कर्मियों पर दबाव डाला और जांच कराए बिना ही खून का नमूना अपने साथ ले लिया।
इसके बाद विनोद सैनी को आरएस पुरा के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल भी ले जाया गया, जहां भी डॉक्टर ने शराब सेवन न करने की पुष्टि की। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब चार स्वास्थ्य केंद्रों में आरोप खारिज हो चुका था, तो व्यक्ति को बार-बार अस्पतालों के चक्कर क्यों लगवाए गए। उन्होंने कहा कि लगातार 5 घंटे पुलिस हिरासत में बार-बार अस्पताल घूमने के बाद उनके पति डर गए और उन्हें अपनी जान का खतरा सताने लगा और वह बार-बार पुलिसकर्मियों से पत्नी से बात करवाने के लिए कहते रहे परंतु पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
पत्नी बैठी रही थाने, भूख से बिलखती रही तीन साल की बेटी
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि 16 अक्टूबर शाम लगभग 8 बजे से 17 अक्टूबर रात 1 बजे तक वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ थाने पर पति की हिरासत और स्थिति की जानकारी के लिए प्रतीक्षा करती रही। इस दौरान उनकी बेटी भूख प्यास से बिलखती रही, परंतु पति की फिक्र के आगे एक मां की ममता बेबस हो गई। उन्होंने कहा कि इस लंबी प्रतीक्षा से परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा, अपमान और चिंता का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता निशा सैनी ने एसएसपी जम्मू से थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। डीआईजी श्रीधर पाटिल ने पूरी बात सुनी और उन्हें आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
थाना प्रभारी बोले- शराब के नशे में की अभद्रता
थाना प्रभारी अरनिया दर्शन सिंह ने कहा कि विनोद सैनी कोई रिपोर्ट दर्ज करवाने थाने पहुंचे थे। उन्होंने शराब पी रखी थी। उन्हें सुबह रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए कहा गया। परंतु वह अभद्रता पर उतारू हो गए। इसके चलते उन्हें हिरासत में लेकर अल्कोहल टेस्ट करवाना पड़ा। उनके पास गांधीनगर अस्पताल में विनोद सैनी की करवाई गई ब्लड एल्कोहल लेवल टेस्ट की रिपोर्ट जमा है जिसमें वह शराब का सेवन किए हुए पाए गए हैं।
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राजीव सिंह लंगेह
अरनिया। थाना पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। खेत में पशुओं से सब्जियों को नुकसान पहुंचने की शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे अरनिया निवासी विनोद सैनी को पुलिस ने उसकी बात सुनने के बजाए उल्टा प्रताड़ित किया।
आरोप है कि पुलिस ने उसे शराब पीने के झूठे मामले में फंसाकर पांच घंटे तक अस्पतालों में बार-बार मेडिकल परीक्षण कराने के लिए घुमाया। इस मामले में पीड़ित की पत्नी अधिवक्ता निशा सैनी ने डीआईजी जम्मू कठुआ सांबा रेंज श्रीधर पाटिल और एसएसपी जम्मू से थाना प्रभारी दर्शन सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
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पत्नी की ओर दी गई शिकायत के अनुसार, 16 अक्टूबर को उनके कृषि क्षेत्र में उगाई गई सब्जियों को कुछ लोगों के पशुओं ने नष्ट कर दिया। रात करीब 8 बजे इसकी शिकायत करने पति विनोद सैनी अरनिया थाना पहुंचे, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बजाय उन्हें शराब पीने का आरोपी बताया गया। उनका मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
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शिकायत में कहा गया है कि विनोद सैनी को पहले पीएचसी अरनिया ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने शराब सेवन न करने की पुष्टि की। इसके बाद उन्हें गांधीनगर अस्पताल जम्मू और फिर जीएमसी जम्मू ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने शराब न पीने के संकेत दर्ज किए। इसके बावजूद उन्हें गांधीनगर अस्पताल ले जाकर ब्लड एल्कोहल लेवल टेस्ट के लिए खून का नमूना लिया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्रयोगशाला कर्मियों पर दबाव डाला और जांच कराए बिना ही खून का नमूना अपने साथ ले लिया।
इसके बाद विनोद सैनी को आरएस पुरा के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल भी ले जाया गया, जहां भी डॉक्टर ने शराब सेवन न करने की पुष्टि की। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब चार स्वास्थ्य केंद्रों में आरोप खारिज हो चुका था, तो व्यक्ति को बार-बार अस्पतालों के चक्कर क्यों लगवाए गए। उन्होंने कहा कि लगातार 5 घंटे पुलिस हिरासत में बार-बार अस्पताल घूमने के बाद उनके पति डर गए और उन्हें अपनी जान का खतरा सताने लगा और वह बार-बार पुलिसकर्मियों से पत्नी से बात करवाने के लिए कहते रहे परंतु पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
पत्नी बैठी रही थाने, भूख से बिलखती रही तीन साल की बेटी
पीड़ित की पत्नी ने बताया कि 16 अक्टूबर शाम लगभग 8 बजे से 17 अक्टूबर रात 1 बजे तक वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ थाने पर पति की हिरासत और स्थिति की जानकारी के लिए प्रतीक्षा करती रही। इस दौरान उनकी बेटी भूख प्यास से बिलखती रही, परंतु पति की फिक्र के आगे एक मां की ममता बेबस हो गई। उन्होंने कहा कि इस लंबी प्रतीक्षा से परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा, अपमान और चिंता का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता निशा सैनी ने एसएसपी जम्मू से थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। डीआईजी श्रीधर पाटिल ने पूरी बात सुनी और उन्हें आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
थाना प्रभारी बोले- शराब के नशे में की अभद्रता
थाना प्रभारी अरनिया दर्शन सिंह ने कहा कि विनोद सैनी कोई रिपोर्ट दर्ज करवाने थाने पहुंचे थे। उन्होंने शराब पी रखी थी। उन्हें सुबह रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए कहा गया। परंतु वह अभद्रता पर उतारू हो गए। इसके चलते उन्हें हिरासत में लेकर अल्कोहल टेस्ट करवाना पड़ा। उनके पास गांधीनगर अस्पताल में विनोद सैनी की करवाई गई ब्लड एल्कोहल लेवल टेस्ट की रिपोर्ट जमा है जिसमें वह शराब का सेवन किए हुए पाए गए हैं।