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Jammu News: सरस आजीविका मेला आज से
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। सरस आजीविका जम्मू 2.0 मेला 10 फरवरी से वाइब्रेंट एक्वाप्लेक्स क्राउन बाहु फोर्ट में लगने जा रही है। इसकी मेजबानी जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) करने जा रहा है। इसमें ग्रामीण भारत की विविध और जीवंत कला व संस्कृति की झलक दिखेगी। मेले में 60 स्टॉल लगाएं जाएंगे। इसमें प्रदेश के बाहर के भी प्रतिभागी शामिल होंगे। इन स्टॉलों पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगा।
मेले में राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल, यूपी, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों से स्वयं सहायता समूह के सदस्य अपने स्टॉल लगाएंगे। ये सदस्य अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। सरस आजीविका जम्मू 2.0 में आगंतुक भारत के विभिन्न हिस्सों के ढेर सारे हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों और स्वादिष्ट पाक व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। मेले में पुंछ से पिकानट, स्वच्छ सूखी खुबानी, केसर, शहद और कश्मीर से अखरोट, साथ ही बडगाम और श्रीनगर से हस्तनिर्मित और पेपर मशीन आइटम जैसे स्थानीय व्यंजनों की एक श्रृंखला पेश की जाएगी। अतिरिक्त मिशन निदेशक जम्मू मृधु सलाथिया ने कहा कि सरस ग्रामीण महिला कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नए उत्साह और 16 राज्यों की विस्तारित भागीदारी के साथ सरस आजीविका जम्मू 2.0 भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक उत्सव है।
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जम्मू। सरस आजीविका जम्मू 2.0 मेला 10 फरवरी से वाइब्रेंट एक्वाप्लेक्स क्राउन बाहु फोर्ट में लगने जा रही है। इसकी मेजबानी जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) करने जा रहा है। इसमें ग्रामीण भारत की विविध और जीवंत कला व संस्कृति की झलक दिखेगी। मेले में 60 स्टॉल लगाएं जाएंगे। इसमें प्रदेश के बाहर के भी प्रतिभागी शामिल होंगे। इन स्टॉलों पर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगा।
मेले में राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल, यूपी, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों से स्वयं सहायता समूह के सदस्य अपने स्टॉल लगाएंगे। ये सदस्य अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। सरस आजीविका जम्मू 2.0 में आगंतुक भारत के विभिन्न हिस्सों के ढेर सारे हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों और स्वादिष्ट पाक व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। मेले में पुंछ से पिकानट, स्वच्छ सूखी खुबानी, केसर, शहद और कश्मीर से अखरोट, साथ ही बडगाम और श्रीनगर से हस्तनिर्मित और पेपर मशीन आइटम जैसे स्थानीय व्यंजनों की एक श्रृंखला पेश की जाएगी। अतिरिक्त मिशन निदेशक जम्मू मृधु सलाथिया ने कहा कि सरस ग्रामीण महिला कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नए उत्साह और 16 राज्यों की विस्तारित भागीदारी के साथ सरस आजीविका जम्मू 2.0 भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक उत्सव है।
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