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Jammu News: संतों ने किया भगवान की लीलाओं का वर्णन, भक्तों ने किए जयघोष
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श्री हनुमान साप्ताहिक सत्संग एवं 11 कुंडीय यज्ञ का समापन, परशुराम जयंती पर जगह-जगह हुए धार्मिक अनुष्ठान
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा/मीरां साहिब। उपजिले में शनिवार को भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। मंदिरों व सभाओं में भगवान परशुराम का गुणगान किया गया। भगवान परशुराम का विधिवत पूजा कर उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा की।
मुख्य कार्यक्रम श्री हनुमान युवा संगठन समिति ने आयोजित किया। श्री हनुमान साप्ताहिक सत्संग एवं 11 कुंडीय महायज्ञ के अंतिम दिन भगवान परशुराम का गुणगान किया गया और उनके बताए रास्ते पर चलने के लिए कहा। संतों ने कथा का वर्णन किया और पंडाल में बैठे भक्तों ने जयघोष लगाए।
कार्यक्रम में शास्त्री बलवीर और पंडित अमित अगस्त्य ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने पर भगवान परशुराम की शक्ति की क्षति नहीं होती। परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। उन्हें आज भी अमर माना जाता है। समिति ने सत्संग के दौरान सहयोग करने वाले सभी संतों और महंतों सहित क्षेत्र के लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया। इस दौरान धर्म प्रचारक कुंदन लाल शर्मा और स्वामी उमेशानंद सहित कई संत भी मौजूद थे।
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वहीं, कस्बे के शिव मंदिर में भगवान परशुराम की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन कर भगवान का गुणगान किया गया। इस दौरान समाज सेवक इंद्रजीत सूदन, पार्षद लक्की छाबड़ा सहित लोग मौजूद थे। कस्बे के रामेश्वर धाम में स्वामी प्रकाशानंद की देखरेख में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। भगवान परशुराम की जयंती पर पहुंचे भक्तजनों को स्वामी प्रकाशानंद ने प्रवचनों के माध्यम से उनके जीवन पर प्रकाश डाला। वहीं, मीरां साहिब क्षेत्र में परशुराम जयंती पर कई मंदिरों व स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने भगवान परशुराम का गुणगान किया। कई स्थानों पर भंडारे भी लगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा/मीरां साहिब। उपजिले में शनिवार को भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। मंदिरों व सभाओं में भगवान परशुराम का गुणगान किया गया। भगवान परशुराम का विधिवत पूजा कर उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा की।
मुख्य कार्यक्रम श्री हनुमान युवा संगठन समिति ने आयोजित किया। श्री हनुमान साप्ताहिक सत्संग एवं 11 कुंडीय महायज्ञ के अंतिम दिन भगवान परशुराम का गुणगान किया गया और उनके बताए रास्ते पर चलने के लिए कहा। संतों ने कथा का वर्णन किया और पंडाल में बैठे भक्तों ने जयघोष लगाए।
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कार्यक्रम में शास्त्री बलवीर और पंडित अमित अगस्त्य ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने पर भगवान परशुराम की शक्ति की क्षति नहीं होती। परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। उन्हें आज भी अमर माना जाता है। समिति ने सत्संग के दौरान सहयोग करने वाले सभी संतों और महंतों सहित क्षेत्र के लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया। इस दौरान धर्म प्रचारक कुंदन लाल शर्मा और स्वामी उमेशानंद सहित कई संत भी मौजूद थे।
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वहीं, कस्बे के शिव मंदिर में भगवान परशुराम की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन कर भगवान का गुणगान किया गया। इस दौरान समाज सेवक इंद्रजीत सूदन, पार्षद लक्की छाबड़ा सहित लोग मौजूद थे। कस्बे के रामेश्वर धाम में स्वामी प्रकाशानंद की देखरेख में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। भगवान परशुराम की जयंती पर पहुंचे भक्तजनों को स्वामी प्रकाशानंद ने प्रवचनों के माध्यम से उनके जीवन पर प्रकाश डाला। वहीं, मीरां साहिब क्षेत्र में परशुराम जयंती पर कई मंदिरों व स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने भगवान परशुराम का गुणगान किया। कई स्थानों पर भंडारे भी लगे।