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'कश्मीर कश्मीर क्या लगा रखा है, हर चीज कश्मीर को चाहिए'

Thu, 02 Apr 2015 10:06 AM IST
Updated Thu, 02 Apr 2015 10:06 AM IST
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row in J&K LA and LC over fund distribution

पावर सेक्टर के लिए फंड वितरण में जम्मू और कश्मीर के बीच भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए विधायकों ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया। इस दौरान कश्मीर संभाग के विपक्षी विधायक वेल तक पहुंच गए और खूब शोर मचाया। योजना विभाग ने पावर सेक्टर में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए जम्मू को 2.5 करोड़ और कश्मीर संभाग को एक करोड़ रुपये जारी किए हैं।

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विपक्षी सदस्यों का कहना था कि सरकार ने कश्मीर को कम राशि देकर उनके साथ भेदभाव किया है। हंगामे के दौरान एक सदस्य विधायकों के टेबल पर भी चढ़ गया। इसके बाद विधानसभा स्पीकर कवींद्र गुप्ता का आदेश मिलते ही मार्शल विधायकों को धक्का मारते हुए सदन से बाहर ले गए। नेकां विधायक गुरेजी का कहना था कि कश्मीर के साथ भेदभाव क्यों।
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कश्मीर में बाढ़ और खराब मौसम से बिजली का पूरा ढांचा चरमरा गया है। मुबारक गुल का कहना था कि जम्मू को सरकारी जितनी ज्यादा राशि दे, उनका कोई विरोध नहीं है, लेकिन उतनी राशि कश्मीर को भी मिलनी चाहिए, क्योंकि कश्मीर के हिस्से में ही लद्दाख का भी हिस्सा है।
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नेकां विधायक अल्ताफ का कहना था कि सरकार, खासकर पीडीडी मंत्री को इस संबंध में सदन में रुख स्पष्ट करना चाहिए, लेकिन वह सदन में नहीं पहुंचे। लगभग एक घंटा सदन बाधित रहने के बाद शून्यकाल शुरू हुआ तो विपक्षी सदस्यों ने फिर मुद्दा उठाया, लेकिन मंत्री बाली भगत ने सदन को आश्वासन दिया कि कश्मीर से भेदभाव नहीं होगा। तब सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।

बिजली मामले पर विधान परिषद में भी हंगामा

row in J&K LA and LC over fund distribution

मामले को लेकर विधान परिषद में भी हंगामा हुआ। प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष भी जम्मू बनाम कश्मीर के नाम पर बंटा नजर आया। कश्मीर संभाग से संबंधित सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाकर हंगामा किया तो जम्मू संभाग के सदस्यों ने कहा कि जरूरत के हिसाब से बिजली फंड का वितरण होना चाहिए।

हंगामा शांत न होता देख कार्यकारी चेयरमैन जहांगीर मीर ने प्रश्नकाल की कार्यवाही को दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

 प्रश्नकाल शुरू होते ही नेकां के कश्मीर संभाग से सदस्यों शौकत गनेई, कैसर जमशेद लोन, गुलाम नबी मोंगा, धर्मवीर सिंह, डा. बीए वीरी ने कहा कि बिजली ढांचे को दुरुस्त करने के नाम पर जम्मू में ढाई करोड़ और कश्मीर में केवल एक करोड़ रुपये जारी किए गए। इस मामले पर सरकार जवाब दे।

भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बहरहाल कांग्रेस के नरेश गुप्ता, जुगल किशोर के अलावा भाजपा और पीडीपी सदस्यों ने कहा कि बिजली फंड को जरूरत के हिसाब से ही जारी किया जाना चाहिए। कार्यकारी चेयरमैन जहांगीर मीर ने सदस्यों को शांत रहने और प्रश्नकाल की कार्यवाही को चलने देने को कहा।

सरकार की तरफ से उपभोक्ता एवं जन वितरण विभाग के मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार इस मामले में अपना पक्ष रखेगी। आश्वासन के बावजूद हंगामा जारी रहने पर कार्र्यकारी चेयरमैन ने दस मिनट के लिए प्रश्नकाल की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

कश्मीर, कश्मीर क्या लगा रखा है

row in J&K LA and LC over fund distribution

विधान परिषद के कार्यकारी चेयरमैन जहांगीर मीर ने बिजली क्षेत्र में फंड वितरण पर कश्मीर से भेदभाव के कुछ सदस्यों की ओर से आरोप लगाकर किए जा रहे हंगामे के दौरान कहा कि यह कश्मीर कश्मीर क्या लगा रखा है। हर चीज कश्मीर को चाहिए। जम्मू संभाग के राजोरी, पुंछ, डोडा में क्या हालात हैं। कार्यकारी चेयरमैन के गर्म तेवर देख सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर विधान परिषद में प्रश्नकाल की कार्यवाही फिर बहाल हो पाई।

जब सभी मार्शल सदन छोड़कर चले गए

विधानसभा में उस वक्त अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सदन में उपस्थित सभी मार्शल अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के कारण सदन छोड़कर बाहर चले गए। बाद में विधानसभा स्पीकर ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया और उनसे बातचीत की। मार्शल के अनुसार विधानसभा सचिव ने न सिर्फ उनसे दुर्व्यवहार किया, बल्कि कुछ मार्शल के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग किया।

सदन छोड़ विधानसभा के सेंट्रल हाल में बैठे मार्शल्स ने कहा कि उग्र विधायकों को सदन से बाहर करने का आदेश सिर्फ विधानसभा अध्यक्ष दे सकते हैं, लेकिन सेक्रेटरी उन्हें आदेश देते हैं, जिसे वह किसी शर्त पर स्वीकार नहीं करेंगे। इसी दौरान नौशेरा के विधायक रविंद्र रैणा सभी मार्शल से बातचीत करने के बाद स्पीकर से मिले और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया।

इसके बाद स्पीकर ने मार्शल्स को अपने चैंबर में बुलाया, जहां कानून और संसदीय मामलों के मंत्री भी उपस्थित थे। स्पीकर ने मार्शल को आश्वासन दिया कि उनकी बातों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल वे अपनी ड्यूटी का निर्वाह करें। इसके उपरांत मार्शल सदन में पहुंचे।

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