उपराज्यपाल मुर्मू बोले- कोरोना से बचाव के लिए छात्रों की भूमिका अहम
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जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सरकारी स्कूलों के करीब 12 लाख विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने स्टूडेंट हेल्थ कार्ड लांच किए। इन हेल्थ कार्ड का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रधान करना और पूर्ण रूप से उनका विकास करना है। यह हेल्थ कार्ड सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों में वितरित किए जाएंगे जिनमें उनके स्वास्थ्य संबंधित सारी जानकारी उसमें होगी। साथ ही साल में दो बार उनका चेकअप किया जाएगा।
इस मौके पर उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय, कमिश्नर सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन हृदेश कुमार, एनएचएम मिशन डायरेक्टर भूपेंद्र कुमार, चेयरपर्सन जेके बोसी प्रो. वीणा पंडिता, डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन अनुराधा गुप्ता, समग्र शिक्षा डायरेक्टर अरुण मनहास आदि मौजूद रहे। इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए स्वास्थ्य और एजूकेशन पर ध्यान देना सबसे ज्यादा अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों की हेल्थ ही देश का भविष्य दर्शाती है।
उप-राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के उपायों संबंधी जागरूक करने में स्कूली बच्चों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचने के लिए हर तरफ जागरूकता फैलाई जा रही है।
वैसे ही ऐसी बीमारियों से लड़ने में स्कूली बच्चों को गाइड बनाया जा सकता है। वहीं उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि देश और दुनिया में कोरोना वायरस एक बड़ा खतरा है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र समाज और परिवार के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
मुर्मु ने कहा कि इन छात्रों को मौजूदा समय में पनप रहीं इन सभी बीमारियों के उपचार और इनके संक्रमण से बचने के तरीकों के बारे में बताना चाहिए ताकि यह छात्र आगे अपने परिवार को इन तरीकों से बचा सके।
उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भट्टनागर ने कहा कि इस तरह के कदमों से सरकारी स्कूलों और कई विद्यार्थियों की जिंदगी पर असर पड़ता है और अच्छा बदलाव आता है। वहीं हृदेश कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को हेल्थ कार्ड मिलना और चैक अप मई माह से शुरू कर दिया जाएगा। अरुण मनहास ने बताया कि विद्यार्थियों का चैकअप नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के साथ मिलकर किया जाएगा।