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Jammu News: दरहाल से अपर सिंबली तक बनी सड़क, लोगों में खुशी
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राजोेरी। दरहाल से पटथाना और हरिबन होते हुए अपर सिंबली तक नई सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। इससे दरहाल के लोगों में खुशी है।
सड़क का यह 6.2 किलोमीटर का हिस्सा पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के पास सबसे दूरदराज और ऊंचे गांवों में से कुछ के लिए पहली बार सड़क संपर्क मिल रहा है। पीएमजीएसवाई के तहत बनी यह सड़क सीधे 14 पहाड़ी गांवों को जोड़ती है। इनमें नंबल, पटथाना, हिल कटेरा, चाका खेत, कंडी, टक्की, काला, फोंटा वाली, झंडा वाली, सिंबली गली, खिला डोगा, मोहरियान, हरिबन और डोगियन शामिल हैं। इनमें से कई ने पहले कभी वाहन नहीं देखा था।
अब तक छात्रों और शिक्षकों को ऊबड़-खाबड़ इलाकों में लंबी दूरी पैदल चलकर तय करनी पड़ती थी। नई सड़क बनने से स्कूलों तक पहुंचनें में आसानी होगी। शिक्षक अब समय पर आते हैं। छात्र नियमित रूप से कक्षाओं में आते हैं और स्कूलों ने शैक्षणिक परिणामों और परीक्षा स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। शिक्षा, जो कभी दूर का सपना था। अब क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की पहुंच में है।
कई परिवारों के लिए सड़क परियोजना का मतलब गतिशीलता से कहीं अधिक है। इसने उनके दरवाजे पर आजीविका के अवसर भी लाए हैं। सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिला। परिणामस्वरूप परिवहन और छोटे पैमाने के वाणिज्य में नई नौकरियां उभर रही हैं। वंचितों, विशेष रूप से दैनिक वेतन भोगियों के लिए यह विकास एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है। सिंबली गली का दर्शनीय स्थल पर अब सड़क से पहुंचा जा सकता है।
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सड़क का यह 6.2 किलोमीटर का हिस्सा पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के पास सबसे दूरदराज और ऊंचे गांवों में से कुछ के लिए पहली बार सड़क संपर्क मिल रहा है। पीएमजीएसवाई के तहत बनी यह सड़क सीधे 14 पहाड़ी गांवों को जोड़ती है। इनमें नंबल, पटथाना, हिल कटेरा, चाका खेत, कंडी, टक्की, काला, फोंटा वाली, झंडा वाली, सिंबली गली, खिला डोगा, मोहरियान, हरिबन और डोगियन शामिल हैं। इनमें से कई ने पहले कभी वाहन नहीं देखा था।
अब तक छात्रों और शिक्षकों को ऊबड़-खाबड़ इलाकों में लंबी दूरी पैदल चलकर तय करनी पड़ती थी। नई सड़क बनने से स्कूलों तक पहुंचनें में आसानी होगी। शिक्षक अब समय पर आते हैं। छात्र नियमित रूप से कक्षाओं में आते हैं और स्कूलों ने शैक्षणिक परिणामों और परीक्षा स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। शिक्षा, जो कभी दूर का सपना था। अब क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की पहुंच में है।
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कई परिवारों के लिए सड़क परियोजना का मतलब गतिशीलता से कहीं अधिक है। इसने उनके दरवाजे पर आजीविका के अवसर भी लाए हैं। सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिला। परिणामस्वरूप परिवहन और छोटे पैमाने के वाणिज्य में नई नौकरियां उभर रही हैं। वंचितों, विशेष रूप से दैनिक वेतन भोगियों के लिए यह विकास एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है। सिंबली गली का दर्शनीय स्थल पर अब सड़क से पहुंचा जा सकता है।
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