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Jammu News: सीमाओं से दिल जोड़ने निकली ''राइड फॉर सेवा'' बाइक रैली पहुंची आरएस पुरा
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संवाद/ अमर उजाला ब्यूरो
आरएस पुरा/जम्मू। दिल्ली से शुरू हुई ‘राइड फॉर सेवा’ बाइक रैली मंगलवार को आरएसपुरा के सीमांत गांवों में पहुंची। रैली का उद्देश्य देश के युवाओं को सीमांत गांवों से जोड़ना और वहां के लोगों की जिंदगी को करीब से समझना है। स्थानीय लोगों ने रैली का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गांव वालों ने फूल-मालाओं और जयकारों से राइडर्स का उत्साह बढ़ाया। सेवा इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक जिनेश लाल ने कहा कि भारत सिर्फ शहरों में नहीं, बल्कि सीमाओं पर बसे गांवों में भी बसता है। जब तक अंतिम गांव तक विकास नहीं पहुंचेगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी है। रैली से जुड़े अश्वनी जोजरा ने कहा कि सेवा का मतलब केवल चीजें देना नहीं, बल्कि दिल से किसी के साथ खड़ा होना है।
आरएस पुरा दौरे के बाद राइडर्स का दल जम्मू प्रेस क्लब पहुंचा, जहां उन्होंने पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के जम्मू-कश्मीर चैप्टर के साथ मुलाकात की और अपनी पूरी यात्रा के अनुभव साझा किए। इस दौरान पीआरएसआई के अध्यक्ष अनिल सौमित्र भी मौजूद रहे।
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अनिल सौमित्र ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ बाइक की रफ्तार नहीं, बल्कि सीमाओं से जुड़े उन अनसुने किस्सों को सामने लाने की कोशिश है, जो आज भी देश की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों को देशभर में साझा किया जाएगा ताकि लोगों को पता चल सके कि असली भारत कहां बसता है।
यह यात्रा 12 जून को समाप्त होगी। सेवा इंटरनेशनल इस अभियान की एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार कर रही है, ताकि देश का हर नागरिक यह जान सके कि भारत की असली कहानी कहां से शुरू होती है।
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आरएस पुरा/जम्मू। दिल्ली से शुरू हुई ‘राइड फॉर सेवा’ बाइक रैली मंगलवार को आरएसपुरा के सीमांत गांवों में पहुंची। रैली का उद्देश्य देश के युवाओं को सीमांत गांवों से जोड़ना और वहां के लोगों की जिंदगी को करीब से समझना है। स्थानीय लोगों ने रैली का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गांव वालों ने फूल-मालाओं और जयकारों से राइडर्स का उत्साह बढ़ाया। सेवा इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक जिनेश लाल ने कहा कि भारत सिर्फ शहरों में नहीं, बल्कि सीमाओं पर बसे गांवों में भी बसता है। जब तक अंतिम गांव तक विकास नहीं पहुंचेगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी है। रैली से जुड़े अश्वनी जोजरा ने कहा कि सेवा का मतलब केवल चीजें देना नहीं, बल्कि दिल से किसी के साथ खड़ा होना है।
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आरएस पुरा दौरे के बाद राइडर्स का दल जम्मू प्रेस क्लब पहुंचा, जहां उन्होंने पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के जम्मू-कश्मीर चैप्टर के साथ मुलाकात की और अपनी पूरी यात्रा के अनुभव साझा किए। इस दौरान पीआरएसआई के अध्यक्ष अनिल सौमित्र भी मौजूद रहे।
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अनिल सौमित्र ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ बाइक की रफ्तार नहीं, बल्कि सीमाओं से जुड़े उन अनसुने किस्सों को सामने लाने की कोशिश है, जो आज भी देश की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों को देशभर में साझा किया जाएगा ताकि लोगों को पता चल सके कि असली भारत कहां बसता है।
यह यात्रा 12 जून को समाप्त होगी। सेवा इंटरनेशनल इस अभियान की एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार कर रही है, ताकि देश का हर नागरिक यह जान सके कि भारत की असली कहानी कहां से शुरू होती है।