धार्मिक संगठनों के नेता अपने अनुयायियों को कोरोना के प्रति जागरूक करेंः उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर
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केंद्र शासित प्रदेश के सभी धार्मिक संगठनों के नेता अपने अनुयायियों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करें। उन्हें कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करने और अन्य बचाव उपायों के बारे में बताएं। यह बात उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न धार्मिक संगठनों के नेताओं और संगठनों के प्रमुखों से कही।
मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक, मंडलायुक्त जम्मू संजीव वर्मा, मंडलायुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोले के अलावा विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उपराज्यपाल के साथ बातचीत की।
उपराज्यपाल ने कहा कि जब तक जनता महामारी को रोकने के प्रयासों में सरकार का सहयोग नहीं करती, तब तक स्थिति नहीं उभर सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए सामाजिक दूरी और सरकार के दिशानिर्देशों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल करें।
‘स्टे एट होम-प्रेयर एट होम’ की प्रथा को अपनाएं- उपराज्यपाल
उन्होंने धार्मिक नेताओं से अपील की, कि वे अपने अनुयायियों से स्वेच्छा से निजामुद्दीन की मरकज में शामिल हुए लोगों को अपने यात्रा इतिहास के बारे में बताने के लिए कहें। साथ ही आगामी त्योहारी सीजन के दौरान ‘स्टे एट होम-प्रेयर एट होम’ की प्रथा को अपनाएं। धार्मिक नेताओं ने प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सामूहिक सभा से बचने के लिए सभी धार्मिक स्थानों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने उपराज्यपाल से आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी और ग्रामीण और दूरदराज के लोगों तक मदद पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने प्रतिभागियों को आश्वासन दिया कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।