फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   religion,jammu news,Guru purnima

श्री रघुनाथ मंदिर में पूजन कर लगाया लंगर

विज्ञापन
religion,jammu news,Guru purnima
जम्मू। धर्मार्थ ट्रस्ट ने शनिवार को गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर श्री रघुनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई। इस दौरान भक्तों के लिए लंगर का आयोजन भी किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय गंडोत्रा और अन्य सदस्यों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। सदस्यों ने बताया कि मंदिर में भक्तों ने माथा टेककर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्यों ने मंदिर के सौंदर्यीकरण और अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। गुरु पूर्णिमा पर बाबा बल्लो जी देवस्थान जगती में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने माथा टेककर । इस दौरान बाबा जी के मुख्य सेवक सुख देव जी महाराज द्वारा प्रवचन भी सुनाए गए गुरु की महिमां के बारे में बताया गया।
विज्ञापन

--
अखंड सौभाग्य के लिए करें मंगलागौरी का व्रत
जम्मू। श्रावण चंद्रमास रविवार 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। धर्मशास्त्रों के अनुसार सावन माह मंगलवार के दिन मंगलागौरी का व्रत रखने और पूजन करने से अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है। वैवाहिक जीवन की हर समस्या दूर होती है, जिन युवतियों को विवाह में देरी हो रही हो या कोई रुकावट आ रही हो तो सावन मास के मंगलवार के दिन मां मंगलागौरी का व्रत रखने, उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है। यह व्रत महिलाएं संतान प्राप्ति और उनकी मंगलकामना के लिए भी करती हैं। विशेषकर अगर मंगल दोष समस्या हो तो यह पूजा करना शुभ रहता है। महंत रोहित शास्त्री के अनुसार इस बार श्रावण चंद्रमास में चार मंगलवार आ रहे हैं। पहला मंगलवार 27 जुलाई को, दूसरा तीन अगस्त, तीसरा 10 अगस्त और अंतिम व चौथा मंगलवार 17 अगस्त को है।
विज्ञापन

--
व्रत की विधि
सूर्योदय से पहले उठें और स्नान कर पूजा स्थान में एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर भगवान गणेश जी, मां मंगलागौरी यानी मां पार्वती का चित्र रखें। आत्म पूजा कर व्रत का संकल्प लें और पूजन करें। पूजा में मां गौरी को वस्त्र, सुहागी,16 श्रृंगार की वस्तुएं, 16 चूड़ियां, नारियल, फल, लौंग-इलाइची, सुपारी और सूखे मेवे 16 जगह बनाकर अर्पित करें। पूजा के बाद माता रानी की आरती करें और कथा सुनें। उसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित करें और जरूरतमंद लोगों को दान अर्पित करें। लगातार पांच साल तक मंगलागौरी पूजन करने के बाद पांचवें वर्ष में सावन माह के अंतिम मंगलवार को इस व्रत का उद्यापन करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed