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भक्तों ने सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर किए मां के दर्शन
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भावे वाली माता के मंदिर में दर्शन के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खड़े भक्त।
- फोटो : SHRINAGAR
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सुबह से शाम तक गूंजते रहे मां के जयकारे, भक्तों ने सामाजिक दूरी बनाकर किए दर्शन
नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही शहर के मंदिरों में उमड़ने शुरू हो गए थे भक्त, घंटों लाइन में लगकर लगाई हाजिरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिर सुबह से शाम तक मां के जयकारों से गूंजते रहे। बावे वाली माता समेत अन्य मंदिरों में भक्तों ने सामाजिक दूरी बनाकर मां के दरबार में हाजिरी लगाई। मंदिरों में सुबह-सुबह ही भक्तो की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पुलिस प्रशासन की तरफ से भी मंदिरों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मंदिर कमेटियों और प्रशासन ने भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी है।
नवरात्र पर बावे वाली माता मंदिर, महामाया मंदिर, रघुनाथ मंदिर, सांबा का चीची माता मंदिर, गांधी नगर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सुबह पांच बजे आरती के बाद शुरू हुआ जो रात आठ बजे तक जारी रहा। मां के दर्शनों के लिए भक्त घंटों लाइन में लगे रहे और मां के जयकारे लगाते हुए सामाजिक दूरी का पालन किया। बावे वाली माता के दरबार में प्रवेश से पहले भक्तों को सैनिटाइजिंग टनल से गुजारा गया। कतार में लगे भक्तों के खड़े होने के लिए विशेष रूप से गोल निशान बनाए गए हैं।
बुजुर्गों-बच्चों ने बाहर से ही शीश नवाया
बावे वाली माता के मंदिर में कुछ भक्त चढ़ावे के लिए प्रसाद के रूप में नारियल और फूल-फल लेकर पहुंचे थे लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रसाद और अन्य सामग्री को बाहर ही रखवा लिया गया। मंदिर में भी किसी को प्रसाद नहीं दिया गया। दरबार में मां के दर्शन के लिए ज्यादा देर खड़े होने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों और 10 साल से छोटे बच्चों को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने बाहर से ही शीश नवाया।
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महालक्ष्मी मंदिर
पक्का डंगा स्थित एतिहासिक महालक्ष्मी मंदिर में भी भक्त सुबह से शाम तक पहुंचते रहे। मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों को सैनिटाइजर की सुविधा दी गई है। बिना मास्क अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
महामाया मंदिर
बावे वाली माता के दर्शन के बाद भक्त महामाया मंदिर भी पहुंचे। यहां सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक मां का दरबार भक्तों के लिए खुला रहा। सामाजिक दूरी बनाकर भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए।
फूलों के दाम बढ़ गए
जम्मू। नवरात्र शुरू होते ही फूलों के दाम भी बढ़ गए। शहर की दुकानों पर फूल मालाएं खरीदने के लिए भीड़ जुटी रही। पहले फूल 120 रुपए प्रति किलो थे लेकिन नवरात्र में इनकी कीमत बढ़कर 200 रुपए प्रति किलो हो गई। जो फूलमाला पहले 20 से 30 रुपए की थी, वह 50 से 60 रुपए में मिल रही है। बावे वाली माता के मंदिर में दर्शन करने आई रमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने फूलमाला 50 रुपए में खरीदी है।
-----इसके साथ फोटो दी गई है
राणा ने कोल कंडोली मंदिर में हाजिरी लगाई
जम्मू। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने शनिवार को नगरोटा स्थित एतिहासिक कोल कंडोली मंदिर में हाजिरी लगाकर सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में पूजन किया। उन्होंने भक्तों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। ब्यूरो
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नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही शहर के मंदिरों में उमड़ने शुरू हो गए थे भक्त, घंटों लाइन में लगकर लगाई हाजिरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिर सुबह से शाम तक मां के जयकारों से गूंजते रहे। बावे वाली माता समेत अन्य मंदिरों में भक्तों ने सामाजिक दूरी बनाकर मां के दरबार में हाजिरी लगाई। मंदिरों में सुबह-सुबह ही भक्तो की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पुलिस प्रशासन की तरफ से भी मंदिरों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मंदिर कमेटियों और प्रशासन ने भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी है।
नवरात्र पर बावे वाली माता मंदिर, महामाया मंदिर, रघुनाथ मंदिर, सांबा का चीची माता मंदिर, गांधी नगर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सुबह पांच बजे आरती के बाद शुरू हुआ जो रात आठ बजे तक जारी रहा। मां के दर्शनों के लिए भक्त घंटों लाइन में लगे रहे और मां के जयकारे लगाते हुए सामाजिक दूरी का पालन किया। बावे वाली माता के दरबार में प्रवेश से पहले भक्तों को सैनिटाइजिंग टनल से गुजारा गया। कतार में लगे भक्तों के खड़े होने के लिए विशेष रूप से गोल निशान बनाए गए हैं।
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बुजुर्गों-बच्चों ने बाहर से ही शीश नवाया
बावे वाली माता के मंदिर में कुछ भक्त चढ़ावे के लिए प्रसाद के रूप में नारियल और फूल-फल लेकर पहुंचे थे लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रसाद और अन्य सामग्री को बाहर ही रखवा लिया गया। मंदिर में भी किसी को प्रसाद नहीं दिया गया। दरबार में मां के दर्शन के लिए ज्यादा देर खड़े होने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों और 10 साल से छोटे बच्चों को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने बाहर से ही शीश नवाया।
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महालक्ष्मी मंदिर
पक्का डंगा स्थित एतिहासिक महालक्ष्मी मंदिर में भी भक्त सुबह से शाम तक पहुंचते रहे। मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों को सैनिटाइजर की सुविधा दी गई है। बिना मास्क अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
महामाया मंदिर
बावे वाली माता के दर्शन के बाद भक्त महामाया मंदिर भी पहुंचे। यहां सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक मां का दरबार भक्तों के लिए खुला रहा। सामाजिक दूरी बनाकर भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए।
फूलों के दाम बढ़ गए
जम्मू। नवरात्र शुरू होते ही फूलों के दाम भी बढ़ गए। शहर की दुकानों पर फूल मालाएं खरीदने के लिए भीड़ जुटी रही। पहले फूल 120 रुपए प्रति किलो थे लेकिन नवरात्र में इनकी कीमत बढ़कर 200 रुपए प्रति किलो हो गई। जो फूलमाला पहले 20 से 30 रुपए की थी, वह 50 से 60 रुपए में मिल रही है। बावे वाली माता के मंदिर में दर्शन करने आई रमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने फूलमाला 50 रुपए में खरीदी है।
-----इसके साथ फोटो दी गई है
राणा ने कोल कंडोली मंदिर में हाजिरी लगाई
जम्मू। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने शनिवार को नगरोटा स्थित एतिहासिक कोल कंडोली मंदिर में हाजिरी लगाकर सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में पूजन किया। उन्होंने भक्तों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। ब्यूरो