मौसम का हाल : चिल्ले कलां के पहले दिन कश्मीर घाटी में राहत, इस सप्ताह बर्फबारी की संभावना
न्यूनतम तापमान थोड़ा ऊपर चढ़ कर माइनस 5.8 डिग्री से घटकर माइनस 2.8 डिग्री पहुंचा।
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कश्मीर में मंगलवार को भीषण सर्दी के 40 दिन वाले चिल्ले कलां की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन पहले ही दिन मौसम मेहरबान रहा और श्रीनगर के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार श्रीनगर का न्यूनतम तापमान माइनस 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि पिछली रात माइनस 5.8 डिग्री सेल्सियस था। इधर जम्मू में मंगलवार को हल्के बादलों के साथ लगभग मौसम साफ रहा। श्रीनगर के लाल चौक पर युवाओं ने चिल्ले कलां के पहले दिन को अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस के तौर पर मनाया गया।
बता दें कि इससे पहले श्रीनगर में लगातार दो रातें शनिवार और रविवार सीजन की सबसे सर्द रातें रिकॉर्ड की गईं, जब न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बीच मौसम विभाग अनुसार घाटी के ऊपरी इलाकों में 23 और 24 दिसंबर को हलकी बर्फबारी की संभावना है, लेकिन 26 दिसंबर दोपहर के बाद से लेकर 28 दिसंबर दोपहर तक कश्मीर के मैदानी सहित पहाड़ी इलाकों में भीषण बर्फबारी की संभावना है।
इस दौरान मैदानी इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी रिकॉर्ड होने की भी संभावना है। जम्मू में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, लेकिन दिन का तापमान सामान्य से 2.7 गिरकर 18.1 डिग्री और बीती रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भीषण ठंडे होते हैं 40 दिन
गौरतलब है कि भीषण सर्दी के 40 दिन वाले चिले कलां के बाद चिल्ले खुर्द की शुरुआत होती है, जोकि 20 दिन तक चलता है। फर्क इतना होता है कि इसमें ठंड चिल्ले कलां से थोड़ी कम होती है और आखिर में आता है चिल्ले बच्चा जोकि 10 दिन का होता है और इस दौरान सर्दी सबसे कम होती है।
कहां कितना तापमान
कारगिल-9.0
लेह -8.2
गुलमर्ग -5.0
पहलगाम -3.7
कुपवाड़ा -3.8
कोकरनाग -3.3
काजीगुंड -2.6
बनिहाल 2.4
बटोत 4.3
कटड़ा 6.0
भद्रवाह 2.6
जम्मू 5.6
चिल्ले कलां का पहला दिन अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस के तौर पर मनाया
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के लाल चौक पर युवाओं ने चिल्ले कलां के पहले दिन को अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस के तौर पर मनाया। फिरन एक लंबी सी पारंपरिक गर्म पोशाक होती है जो अक्सर सर्दियों में घाटी के लोग पहनते हैं।
युवा जावेद बेग ने कहा कि कश्मीर के मौसम की खूबसूरती ही चिल्ले कलां है। इसकी आमद पर हम अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस मना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस दिन को अंतरराष्ट्रीय फिरन दिवस के तौर पर स्वीकृत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि फिरन हमारी संस्कृति का हिस्सा है। देश दुनिया में हमारी सांस्कृतिक पहचान ही इस फिरन से है। बेग ने कहा कि जो कोई भी चिल्ले कलां के 40 दिन यहां आए वो भी इस पहनावे को अपनाकर इसकी शान बढ़ाएं।