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प्रभु भक्ति से ही दूर होती है हर परेशानी : शास्त्री
Sun, 25 Aug 2024 05:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 25 Aug 2024 05:39 AM IST
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श्री सनातन धर्म सभा में श्रीमद्भागवत कथा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। आज के दौर में हर एक इंसान परेशानी से घिरा हुआ है। अगर थोड़ा समय प्रभु भक्ति के लिए निकाले तो हर परेशानी दूर हो जाएगी। यह ज्ञान कथा वाचक सूरज शास्त्री ने शनिवार को श्री सनातन धर्म सभा में जारी श्रीमद्भागवत कथा में संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार आठ घंटे भजन करना, आठ घंटे कमाना व आठ घंटे सोना था। चौबीस घंटों को तीन भागो में बांटा गया था। फिर इसे चार भागों में बांटा गया। फिर चौबीस में से सिर्फ तीन घंटे ही भगवान की पूजा-पाठ करने में शुरू हुआ।
मौजूदा समय में कोई तीन मिनट भी ठीक प्रकार से पूजा के लिए निकाल ले तो बड़ी बात है। मंदिर में दर्शन करने जाते है तो जूता-चप्पल ऐसे स्थान पर उतार देते हैं जहां पर से भगवान भी दिखते है और जूता भी। जीवन में परेशानी को दूर करने के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
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जैसे जो होगा उसे कोई रोक नहीं सकता। जो नहीं होगा वह कभी भी नहीं होगा और जो हो रहा है वह प्रभु की इच्छा है तो फिर परेशानी किस बात की।
पांडवों ने कहा था आंखों के सामने कभी पाप होते हुए नहीं देखना, शरण में शत्रु भी आ जाए तो उसे क्षमा कर देना व घर आए अतिथि का हमेशा सत्कार करना। यह तीनों बातें जिस घर में हैं उन के जीवन में संकट नहीं आ पाता है। शाम को कथा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। आज के दौर में हर एक इंसान परेशानी से घिरा हुआ है। अगर थोड़ा समय प्रभु भक्ति के लिए निकाले तो हर परेशानी दूर हो जाएगी। यह ज्ञान कथा वाचक सूरज शास्त्री ने शनिवार को श्री सनातन धर्म सभा में जारी श्रीमद्भागवत कथा में संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार आठ घंटे भजन करना, आठ घंटे कमाना व आठ घंटे सोना था। चौबीस घंटों को तीन भागो में बांटा गया था। फिर इसे चार भागों में बांटा गया। फिर चौबीस में से सिर्फ तीन घंटे ही भगवान की पूजा-पाठ करने में शुरू हुआ।
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मौजूदा समय में कोई तीन मिनट भी ठीक प्रकार से पूजा के लिए निकाल ले तो बड़ी बात है। मंदिर में दर्शन करने जाते है तो जूता-चप्पल ऐसे स्थान पर उतार देते हैं जहां पर से भगवान भी दिखते है और जूता भी। जीवन में परेशानी को दूर करने के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
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जैसे जो होगा उसे कोई रोक नहीं सकता। जो नहीं होगा वह कभी भी नहीं होगा और जो हो रहा है वह प्रभु की इच्छा है तो फिर परेशानी किस बात की।
पांडवों ने कहा था आंखों के सामने कभी पाप होते हुए नहीं देखना, शरण में शत्रु भी आ जाए तो उसे क्षमा कर देना व घर आए अतिथि का हमेशा सत्कार करना। यह तीनों बातें जिस घर में हैं उन के जीवन में संकट नहीं आ पाता है। शाम को कथा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया।