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Jammu News: रणवीर नहर का पानी दूषित, फेंक रहे कूड़ा और मृत पशु
Mon, 29 Sep 2025 02:18 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 29 Sep 2025 02:18 AM IST
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मीरा साहिब नहर बंद होने पर खडा दूषित पानी जिससे आसपास रहने वाले लोग परेशान स्रोत संवाद
मीरां साहिब। रणबीर नहर कभी जम्मू क्षेत्र के लोगों के लिए पेयजल और सिंचाई सुविधा का एक प्रमुख स्रोत हुआ करता था। आज एक अत्यधिक प्रदूषित जल निकाय है जो नहाने के लिए भी उपयुक्त नहीं है। वर्तमान में इसके उपयोग से आस-पास के कुछ गावों के लिए सिंचाई के प्रयोजनों का एक साधन है। हालत यह है कई दिनों से रणवीर नहर बंद होने से इसमें रुका पानी दूषित हो गया है। इससे नहर के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मरालिया पंचायत के पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि दुग्ध के चलते दिक्कत आने पर सिंचाई विभाग की और अनदेखी के सिवाय कुछ नही किया जा रहा। रणवीर नहर में लोग कूड़ा- करकट, मरे पशु तक फेंक रहे हैं।
सेवानिवृत्त सूबेदार बाबा राम का कहना है कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 60 किलोमीटर लंबी रणबीर नहर की सफाई के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यह कवायद निरर्थक हो जाती है। घरेलू और अन्य औद्योगिक कचरे से निकलने वाला सीवेज बेरोकटोक नहर में गिरता रहता है। सरकार को नहर के दूषित पानी जहरीला बनने पर रोकने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए।
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सिंचाई विभाग के संबंधित एईई विनोद मेहरा का कहना है जिन लोगों ने नहर में सीवरेज की पाइपे डाल रखी है उनकी सूची बना पहले ही नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नहर के किनारे औद्योगिक प्लांट लगा रखे हैं। उनकी जांच करने की प्रक्रिया जारी है।
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मरालिया पंचायत के पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि दुग्ध के चलते दिक्कत आने पर सिंचाई विभाग की और अनदेखी के सिवाय कुछ नही किया जा रहा। रणवीर नहर में लोग कूड़ा- करकट, मरे पशु तक फेंक रहे हैं।
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सेवानिवृत्त सूबेदार बाबा राम का कहना है कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 60 किलोमीटर लंबी रणबीर नहर की सफाई के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यह कवायद निरर्थक हो जाती है। घरेलू और अन्य औद्योगिक कचरे से निकलने वाला सीवेज बेरोकटोक नहर में गिरता रहता है। सरकार को नहर के दूषित पानी जहरीला बनने पर रोकने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए।
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सिंचाई विभाग के संबंधित एईई विनोद मेहरा का कहना है जिन लोगों ने नहर में सीवरेज की पाइपे डाल रखी है उनकी सूची बना पहले ही नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नहर के किनारे औद्योगिक प्लांट लगा रखे हैं। उनकी जांच करने की प्रक्रिया जारी है।