जम्मू-कश्मीरः किसानों के लिए मुसीबत बनी बारिश, सरकार से मदद की उम्मीद में कट रहे दिन
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पिछले दो दिन हुई बारिश और बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो गया है। गेहूं व सरसों की बिजाई के बाद किसान चिंता में डूबे हुए हैं। हालांकि आज यानी कि सोमवार को मौसम के साफ होने पर किसानों को कुछ राहत मिली है।
सांबा जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने से सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में गेहूं का बीज भी नष्ट होने पर है। किसानों का कहना है कि बारिश की वजह से खेतों में अधिक नमी के कारण गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है।
अधिक नमी वाले खेतों में दस दिन तक गेहूं की बिजाई नही हो सकेगी। अधिक बारिश से आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। आलू की फसल भी नष्ट हो गई है। पहले बासमती की फसल नष्ट हो गई थी। अब गेहूं व सरसों के साथ सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है।
धूप खिलते ही किसानों ने किया खेतों का रुख
सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल में धूप खिलने के साथ ही किसानों ने खेतों की ओर रुख किया। किसानों का कहना है कि कम नमी वाले खेतों में बारिश के बाद भी फसल निकल आएगी, लेकिन निचले खेतों में यहां बारिश का पानी भरा है। वहां फसल होने की संभावना कम है। वहीं अखनूर क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान पर किसानों ने सरकार से भरपाई की मांग की है।