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Jammu News: 'दुनिया के आठवें अजूबे' चिनाब रेलवे पुल पर ट्रेन सेवाएं जल्द होंगी शुरू
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- रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में नवनिर्मित रेलवे लाइन का किया निरीक्षण
- रियासी रेलवे स्टेशन से बनिहाल तक इसी माह ट्रॉली परीक्षण की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल पर ट्रेन सेवाएं जल्द शुरू होंगी। इस पुल के जरिये यात्री रामबन से रियासी तक आसानी से पहुंच सकेंगे। वर्तमान में ट्रेनें कन्याकुमारी से कटड़ा तक चलती हैं, जबकि कश्मीर घाटी में बारामुला से संगलदान तक ट्रेन सेवा है। चिनाब पुल पर रेल सेवाओं के शुरू होते ही कश्मीर घाटी पूरी तरह से भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में नवनिर्मित रेल लाइन का निरीक्षण किया है।
इस ट्रैक से माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों का ट्रेन के जरिये घाटी जाने का सपना पूरा हो जाएगा। रियासी रेलवे स्टेशन से बनिहाल तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है। इसी महीने के अंत तक ट्रैक पर ट्रॉली परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद इंजन दौड़ाया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद एक डिब्बे के साथ ट्रेन चलाई जाएगी। कटड़ा से बनिहाल तक की दूरी कुल 111 किलोमीटर, जबकि रियासी से बनिहाल की दूरी 91 किलोमीटर है। कटड़ा से रियासी के बीच टनल 34 का काम जारी है। रियासी से बनिहाल तक कुल आठ स्टेशन हैं। इनमें रियासी, बक्कल, कोड़ी, ढ़ुग्गा सावलाकोट, संगलधान, खड़ी, सुंबड़, शहबाज स्टेशन है, जिनका काम पूरा हो चुका है।
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पुल आधुनिक दुनिया का एक
इंजीनियरिंग चमत्कार : डीसी
डीसी रियासी विशेष महाजन ने खास बातचीत में कहा, चिनाब नदी पर रेलवे पुल आधुनिक दुनिया का एक इंजीनियरिंग चमत्कार है। जिस दिन ट्रेन रियासी पहुंचेगी वह जिले के लिए एक गेम-चेंजिंग दिन होगा। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, जैसा कि हमारे इंजीनियरों ने किया है। यह दुनिया का आठवां अजूबा है। मैं आपको सटीक तारीख तो नहीं बता सकता लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह दिन जल्द ही आएगा, जब रेल सेवाएं प्रारंभ होंगी। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच नवनिर्मित रेलवे लाइन और स्टेशनों का व्यापक निरीक्षण किया है। कोंकण रेलवे के उप मुख्य अभियंता सुजय कुमार ने कहा कि यह परियोजना बहुत चुनौतीपूर्ण थी। इससे लोग बहुत खुश हैं। हमें उम्मीद है कि सब कुछ जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है चिनाब रेल ब्रिज
रियासी और बनिहाल तक के रेलवे ट्रैक पर बक्कल से कोड़ी के बीच चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनकर तैयार है। 359 मीटर (लगभग 109 फीट) ऊपर बना चिनाब रेल ब्रिज एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। 1,315 मीटर लंबा पुल एक व्यापक परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क द्वारा सुलभ बनाना है। बक्कल से ब्रिज पार कर कोड़ी पहुंचने पर वहां पर एक हॉल्ट रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। कोड़ी में एक म्यूजियम बनेगा, जहां पर इस महत्वाकांशी रेलवे प्रोजेक्ट के शुरू होने से लेकर जारी काम और समाप्ति की पूरी जानकारी दी जाएगी। म्यूजियम पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। अगली पीढ़ी भी रेलवे प्रोजेक्ट की जानकारी फोटो के माध्यम से जान सकेगी।
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- रियासी रेलवे स्टेशन से बनिहाल तक इसी माह ट्रॉली परीक्षण की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल पर ट्रेन सेवाएं जल्द शुरू होंगी। इस पुल के जरिये यात्री रामबन से रियासी तक आसानी से पहुंच सकेंगे। वर्तमान में ट्रेनें कन्याकुमारी से कटड़ा तक चलती हैं, जबकि कश्मीर घाटी में बारामुला से संगलदान तक ट्रेन सेवा है। चिनाब पुल पर रेल सेवाओं के शुरू होते ही कश्मीर घाटी पूरी तरह से भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में नवनिर्मित रेल लाइन का निरीक्षण किया है।
इस ट्रैक से माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों का ट्रेन के जरिये घाटी जाने का सपना पूरा हो जाएगा। रियासी रेलवे स्टेशन से बनिहाल तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है। इसी महीने के अंत तक ट्रैक पर ट्रॉली परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद इंजन दौड़ाया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद एक डिब्बे के साथ ट्रेन चलाई जाएगी। कटड़ा से बनिहाल तक की दूरी कुल 111 किलोमीटर, जबकि रियासी से बनिहाल की दूरी 91 किलोमीटर है। कटड़ा से रियासी के बीच टनल 34 का काम जारी है। रियासी से बनिहाल तक कुल आठ स्टेशन हैं। इनमें रियासी, बक्कल, कोड़ी, ढ़ुग्गा सावलाकोट, संगलधान, खड़ी, सुंबड़, शहबाज स्टेशन है, जिनका काम पूरा हो चुका है।
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पुल आधुनिक दुनिया का एक
इंजीनियरिंग चमत्कार : डीसी
डीसी रियासी विशेष महाजन ने खास बातचीत में कहा, चिनाब नदी पर रेलवे पुल आधुनिक दुनिया का एक इंजीनियरिंग चमत्कार है। जिस दिन ट्रेन रियासी पहुंचेगी वह जिले के लिए एक गेम-चेंजिंग दिन होगा। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, जैसा कि हमारे इंजीनियरों ने किया है। यह दुनिया का आठवां अजूबा है। मैं आपको सटीक तारीख तो नहीं बता सकता लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह दिन जल्द ही आएगा, जब रेल सेवाएं प्रारंभ होंगी। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच नवनिर्मित रेलवे लाइन और स्टेशनों का व्यापक निरीक्षण किया है। कोंकण रेलवे के उप मुख्य अभियंता सुजय कुमार ने कहा कि यह परियोजना बहुत चुनौतीपूर्ण थी। इससे लोग बहुत खुश हैं। हमें उम्मीद है कि सब कुछ जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है चिनाब रेल ब्रिज
रियासी और बनिहाल तक के रेलवे ट्रैक पर बक्कल से कोड़ी के बीच चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनकर तैयार है। 359 मीटर (लगभग 109 फीट) ऊपर बना चिनाब रेल ब्रिज एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। 1,315 मीटर लंबा पुल एक व्यापक परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क द्वारा सुलभ बनाना है। बक्कल से ब्रिज पार कर कोड़ी पहुंचने पर वहां पर एक हॉल्ट रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। कोड़ी में एक म्यूजियम बनेगा, जहां पर इस महत्वाकांशी रेलवे प्रोजेक्ट के शुरू होने से लेकर जारी काम और समाप्ति की पूरी जानकारी दी जाएगी। म्यूजियम पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। अगली पीढ़ी भी रेलवे प्रोजेक्ट की जानकारी फोटो के माध्यम से जान सकेगी।