{"_id":"5e0a1ff98ebc3e87fc6b8f4b","slug":"raids-on-the-houses-of-ias-officers-in-arms-license-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"शस्त्र लाइसेंस मामला : आईएएस अधिकारियों के घरों पर छापेमारी, अहम दस्तावेज बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शस्त्र लाइसेंस मामला : आईएएस अधिकारियों के घरों पर छापेमारी, अहम दस्तावेज बरामद
Mon, 30 Dec 2019 09:34 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 30 Dec 2019 09:34 PM IST
विज्ञापन
सीबीआई (फाइल फोटो)
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी दस्तावेज के आधार पर गन लाइसेंस बनाने के मामले में सीबीआई ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के कई पूर्व एवं वर्तमान आईएएस और केएएस अफसरों के घरों पर छापे मारे। उनसे घंटों पूछताछ की। इन अफसरों में राजीव रंजन, यशा मुद्गल, फकीर चंद भगत सहित कई नाम हैं।
छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जम्मू-कश्मीर और एनसीआर में कुल 17 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले राजस्थान पुलिस ने इस लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश किया था।
दिल्ली से आई टीम ने जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर, बारामुला, कुपवाड़ा में 14 ठिकानों पर छापेमारी की। जम्मू के जेडीए कार्यालय में भी छापा मारा गया, जहां राजीव रंजन बतौर वीसी तैनात हैं। यह मामला अगस्त में सीबीआई को सौंपा गया था।
विज्ञापन
जम्मू में बठिंडी स्थित पूर्व नौकरशाह जावेद खान जो शोपियां के डीसी रहे हैं, बारामुला की डीसी रहीं यशा मुद्गल, कुपवाड़ा के डीसी रहे राजीव रंजन, इतरत हुसैन, किश्तवाड़ के डीसी रहे सलीम मोहम्मद, मोहम्मद जुनैद खान, राजौरी के डीसी रहे फकीर चंद भगत, डोडा के डीसी रहे फारूक अहमद खान और पुलवामा के डीसी रहे जहांगीर अहमद मीर के घरों पर भी छापे मारे गए हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सीबीआई की यह पहली बड़ी कार्रवाई है। सीबीआई टीम ने जो अधिकारी घर पर मौजूद मिले, उनसे पूछताछ की और जो नहीं मिले उनके घरों की तलाशी ली गई।
जम्मू-कश्मीर के अलावा टीम ने नोएडा, गुरुग्राम और मोहली में भी छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक उक्त अधिकारियों ने बतौर डीसी रहते हुए लाइसेंस बनाकर दिए। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि मोटी कमाई करके इन अफसरों ने अन्य अफसरों के साथ मिलीभगत करके मोटी कमाई भी की।
विज्ञापन
छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जम्मू-कश्मीर और एनसीआर में कुल 17 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले राजस्थान पुलिस ने इस लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश किया था।
विज्ञापन
दिल्ली से आई टीम ने जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर, बारामुला, कुपवाड़ा में 14 ठिकानों पर छापेमारी की। जम्मू के जेडीए कार्यालय में भी छापा मारा गया, जहां राजीव रंजन बतौर वीसी तैनात हैं। यह मामला अगस्त में सीबीआई को सौंपा गया था।
विज्ञापन
जम्मू में बठिंडी स्थित पूर्व नौकरशाह जावेद खान जो शोपियां के डीसी रहे हैं, बारामुला की डीसी रहीं यशा मुद्गल, कुपवाड़ा के डीसी रहे राजीव रंजन, इतरत हुसैन, किश्तवाड़ के डीसी रहे सलीम मोहम्मद, मोहम्मद जुनैद खान, राजौरी के डीसी रहे फकीर चंद भगत, डोडा के डीसी रहे फारूक अहमद खान और पुलवामा के डीसी रहे जहांगीर अहमद मीर के घरों पर भी छापे मारे गए हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सीबीआई की यह पहली बड़ी कार्रवाई है। सीबीआई टीम ने जो अधिकारी घर पर मौजूद मिले, उनसे पूछताछ की और जो नहीं मिले उनके घरों की तलाशी ली गई।
जम्मू-कश्मीर के अलावा टीम ने नोएडा, गुरुग्राम और मोहली में भी छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक उक्त अधिकारियों ने बतौर डीसी रहते हुए लाइसेंस बनाकर दिए। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि मोटी कमाई करके इन अफसरों ने अन्य अफसरों के साथ मिलीभगत करके मोटी कमाई भी की।