{"_id":"6165f6aa8ebc3e0c5372a164","slug":"raid-jammu-city-news-jmu2456644161","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के पांच स्थानों पर सीबीआई का छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के पांच स्थानों पर सीबीआई का छापा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। फर्जी गन लाइसेंस मामले में सीबीआई की दिल्ली से आई टीम ने शहर के पांच स्थानों पर दबिश दी है। इस दौरान एक आईएएस अफसर समेत दर्जनभर गन हाउस का रिकार्ड खंगाला गया और जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जम्मू के गांधी नगर, डिग्याना, बनतालाब, सरवाल और रेलवे स्टेशन के पास सीबीआई ने दबिश दी। सूत्रों का कहना है कि आईएएस अफसर रामास्वामी के गांधी नगर स्थित आवास पर भी सीबीआई ने पूछताछ की है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को सीबीआई की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उक्त जगहों पर दबिश और गन कारोबारियों से पूछताछ की गई। मामले की जांच सीबीआई के पास आने के बाद से जम्मू में यह सीबीआई की छठी कार्रवाई है। इससे पहले टीम आईएएस अफसर शाहिद इकबाल और उनके भाई के जम्मू स्थित घर पर दबिश दे चुकी है। चार लाख फर्जी गन लाइसेंस मामलों की सीबीआई जांच कर रही है, जिसमें कई आईएएस अफसर सहित अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनके कार्यकाल में गन लाइसेंस रेवड़ी की तरह बांटे गए। ऐसे ऐसे लोगों को लाइसेंस दिए गए, जो जम्मू कश्मीर के रहने वाले ही नहीं। कई गन हाउस मालिकों ने भी फर्जी गन लाइसेंस बनाकर बेचे। अफसरों की मिलीभगत से लाइसेंस बनाए जाते थे और हजारों रुपये लेकर इन्हें बेच दिया जाता था। मामला कोर्ट में आने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस बारे में सीबीआई के पास दो केस दर्ज हैं। सीबीआई की ओर से मामले में संलिप्त कई नामों की सूची जल्द ही जारी करने की संभावना है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बुधवार को सीबीआई की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उक्त जगहों पर दबिश और गन कारोबारियों से पूछताछ की गई। मामले की जांच सीबीआई के पास आने के बाद से जम्मू में यह सीबीआई की छठी कार्रवाई है। इससे पहले टीम आईएएस अफसर शाहिद इकबाल और उनके भाई के जम्मू स्थित घर पर दबिश दे चुकी है। चार लाख फर्जी गन लाइसेंस मामलों की सीबीआई जांच कर रही है, जिसमें कई आईएएस अफसर सहित अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनके कार्यकाल में गन लाइसेंस रेवड़ी की तरह बांटे गए। ऐसे ऐसे लोगों को लाइसेंस दिए गए, जो जम्मू कश्मीर के रहने वाले ही नहीं। कई गन हाउस मालिकों ने भी फर्जी गन लाइसेंस बनाकर बेचे। अफसरों की मिलीभगत से लाइसेंस बनाए जाते थे और हजारों रुपये लेकर इन्हें बेच दिया जाता था। मामला कोर्ट में आने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस बारे में सीबीआई के पास दो केस दर्ज हैं। सीबीआई की ओर से मामले में संलिप्त कई नामों की सूची जल्द ही जारी करने की संभावना है।
विज्ञापन