राहुल भट्ट के पिता का खुलासा: बेटे ने किया था तबादले का आवेदन, तिरंगा उठाने की सजा भुगत रहे कश्मीरी पंडित
बडगाम के चडूरा तहसील में कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या के बाद जम्मू स्थित दुर्गा नगर निवास पर शोक की लहर है। पारिवारिक सदस्य व रिश्तेदार उनकी मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। राहुल के पिता ने कहा कि राहुल की पत्नी और पांच साल की बच्ची भी कश्मीर में है।
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आतंकी हमले में मारे गए कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट ने बडगाम तहसीलदार कार्यालय चाडुरा से तबादले के लिए आवेदन किया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इस पर गौर नहीं किया। इसके लिए उन्होंने सुरक्षा का हवाला दिया था। यह बात राहुल भट्ट के पिता ने कही। उन्होंने कहा कि कार्यालय में जाकर लक्षित हत्या करना चिंताजनक और दुखद है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
पत्नी और पांच साल की बच्ची का क्या हाल होगा, यह भगवान जाने
उन्होंने कहा कि कश्मीर पंडित घाटी में तिरंगा थामे रखने की सजा अपनी जान देकर भुगत रहे हैं। राहुल भट्ट की हत्या के बाद जम्मू स्थित दुर्गा नगर निवास पर शोक की लहर है। पारिवारिक सदस्य व रिश्तेदार राहुल की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। राहुल के पिता ने कहा कि राहुल की पत्नी और पांच साल की बच्ची भी कश्मीर में है। उनका क्या हाल होगा, यह भगवान जाने।
राहुल की 2011 में उसकी नौकरी लगी थी
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी तरह की सूचना नहीं मिली। उन्होंने कहा कि राहुल ने तबादले के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे संज्ञान में नहीं लिया गया। 2011 में उसकी नौकरी लगी थी। सरकार कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा देने में विफल रही है। वहां पर मौजूद कर्मचारी अपनी किस्मत के सहारे दिन बिता रहे हैं।
प्रशासन की तरफ से कोई भी सूचना नहीं मिली
उन्होंने कहा कि मैंने डीसी बडगाम को फोन किया, लेकिन नहीं उठाया गया। प्रशासन की तरफ से कोई भी सूचना हमें नहीं मिली है। संबंधित अधिकारियों को परिवार को इस संबंध में अवगत करवाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कार्यालय के अंदर जाकर एक कर्मचारी की हत्या करना सरकार की विफलता है। अगर कार्यालय के अंदर कर्मचारी सुरक्षति नहीं हैं तो सुरक्षा कहां पर है।