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Jammu News: पानी की तलाश में 13 साल से भटक रहे गुज्जरनाला के लोग, दूषित पानी पीने को मजबूर

Wed, 05 Nov 2025 02:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Wed, 05 Nov 2025 02:00 AM IST
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purmandal news, water demand news
क्यूली गांव के गुजर नाला मोहल्ले में कुएं से पीने का पानी ले कर जाते लोग स्रोत संवाद - फोटो : Samvad
गर्मी के दिनों छोड़ना पड़ता है घर, बच्चों की छूट जाती है पढ़ाई
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पुरमंडल। जम्मू संभाग के पुरमंडल क्षेत्र में क्यूली पंचायत का गुज्जरनाला पिछले 13 वर्षों से घोर पेयजल संकट से जूझ रहा है। यहां के 100 से अधिक निवासी पीने के साफ पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सरकारी उदासीनता और जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के खोखले दावों के बीच इन ग्रामीणों का जीवन कुएं के दूषित पानी के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया है।
गुज्जरनाला (क्यूली ग्राम पंचायत का एक हिस्सा) के लोगों के लिए पानी अब जीवन का आधार नहीं बल्कि रोजमर्रा की जंग बन चुका है। ग्रामीण बताते हैं कि जल शक्ति विभाग की 13 साल की लगातार उपेक्षा ने उनके जीवन को दयनीय बना दिया है। जल शक्ति विभाग द्वारा हो रही यह घोर उपेक्षा लोगों को गर्मी के दिनों में पानी की तलाश में घर छोड़ने को मजबूर कर देती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और उच्च अधिकारियों को कई बार सूचित किया है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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करोड़ों खर्च पर लाभ नहीं, जांच की मांग
गुज्जरनाला निवासी बाघ अली कहते हैं कि जल जीवन मिशन में हर घर जल, हर घर नल सरकार की योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन क्यूली ग्राम पंचायत के गुज्जरनाला में अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। अब्दुल गनी ने इस योजना के तहत लाभ न मिलने पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और प्रशासन से जल्द से जल्द पीने का पानी उपलब्ध कराने की अपील की है।
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पानी के लिए बंजारों की तरह भटकते हैं, छूट जाती है बच्चों की पढ़ाई
-स्थिति इतनी भयावह है कि गर्मी के मौसम में जब पानी के स्रोत सूख जाते हैं तो पूरे परिवार को पानी की तलाश में अपना घर-बार छोड़कर बंजारों की तरह भटकना पड़ता है। शम्सुद्दीन और सुरैया बीबी दर्द बयां करते हुए कहते हैं कि हमें पानी की तलाश में बंजारों की तरह भटकना पड़ रहा है। इस पलायन का सबसे बड़ा खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई हर साल बीच में ही छूट जाती है।
-मकीना कहती हैं कि आजादी के 75 साल बाद भी हमें पीने का पानी भी मयस्सर नहीं हो पाया है। हम भी इस देश के नागरिक हैं। हम भी वोट देते हैं मगर हमारी कोई सुध ही नहीं लेता।


प्रशासन से मांग
अरशद समेत क्यूली गांव के अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि हमको पानी के लिए रोजाना जंग न लड़नी पड़े।

कोट
ठेकेदार का भुगतान न होने से रुका काम

पानी की आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार को भुगतान न होने की वजह से काम रुका पड़ा है। भुगतान के उपरांत इन लोगों को पीने का पानी उपलब्ध हो जाएगा।

9 नरेश आनंद, जेई जल शक्ति विभाग
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