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Jammu News: एनपीएस में न्यूनतम पेंशन की गारंटी नहीं, पुरानी पेंशन योजना ही बुढ़ापे का सहारा
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जम्मू। नई पेंशन योजना (एनपीएस) न्यूनतम पेंशन की गारंटी नहीं देती। यह कर्मचारियों और उनके परिवार के हित में नहीं है। इसलिए प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। यह बात नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम जम्मू कश्मीर के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने प्रेस क्लब के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान कही। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम जम्मू कश्मीर यूटी के अध्यक्ष मोहम्मद असरफ शेख ने कहा कि 1 जनवरी, 2010 या उसके बाद भर्ती हुए कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं हैं। उन्हें नई पेंशन योजना को चुनने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो कि अनुचित और अन्यायपूर्ण है। नई पेंशन योजना न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान नहीं करती है।
वहीं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जेकेएटीए के चेयरमैन विशाल मन्हास ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि नई पेंशन योजना को समाप्त करें और पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए, ताकि 1 जनवरी, 2010 के बाद नियुक्त सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी योजना का लाभ मिल सके।
प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है और उम्मीद करते हैं कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब की तर्ज पर एनपीएस को खत्म करने की मांग पर विचार करेगी। प्रदर्शन में सूरत सिंह तूफानी, दर्शन शर्मा, कुलदीप बंद्राल, बसीर ठाकुर, अश्वनी रैना, दीपक शर्मा, रमन शर्मा, नीतन कल्याण, सैयद मुनीर हुसैन और अन्य मौजूद रहे।
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प्रदर्शन में ये कर्मचारी संगठन हुए शामिल
प्रदर्शन में आठ कर्मचारी संगठनों के सदस्य शामिल हुए। इनमें जेएंडके टीचर्स फोरम के चेयरमैन गणेश खजूरिया, जेकेईईजीए के अध्यक्ष सचिन टिकू, जेकेएटीए के अध्यक्ष यासिर ताक, एनएमओपीएस के मुख्य प्रवक्ता सत्यार्थ गुप्ता, एनजीएफओए के प्रांतीय अध्यक्ष गुरचरण सिंह, एजेएंडकेपीए के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप कोहली, अरुण शर्मा (जीएमसीएचजे), लोकल अर्बन बॉडीज के अध्यक्ष रवि रंधावा, जेकेपीडीडीईयू के प्रांतीय युवा अध्यक्ष टी. अरुण गुप्ता, एबीएसएमएस के उपाध्यक्ष डेविड संधु, श्राइन बोर्ड इंप्लाइज एसोसिएशन कटड़ा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिंह और जेके एनएमओपीएस महिला विंग की अध्यक्ष हरप्रीत कौर शामिल हैं।
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वहीं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जेकेएटीए के चेयरमैन विशाल मन्हास ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि नई पेंशन योजना को समाप्त करें और पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए, ताकि 1 जनवरी, 2010 के बाद नियुक्त सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी योजना का लाभ मिल सके।
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प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है और उम्मीद करते हैं कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब की तर्ज पर एनपीएस को खत्म करने की मांग पर विचार करेगी। प्रदर्शन में सूरत सिंह तूफानी, दर्शन शर्मा, कुलदीप बंद्राल, बसीर ठाकुर, अश्वनी रैना, दीपक शर्मा, रमन शर्मा, नीतन कल्याण, सैयद मुनीर हुसैन और अन्य मौजूद रहे।
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प्रदर्शन में ये कर्मचारी संगठन हुए शामिल
प्रदर्शन में आठ कर्मचारी संगठनों के सदस्य शामिल हुए। इनमें जेएंडके टीचर्स फोरम के चेयरमैन गणेश खजूरिया, जेकेईईजीए के अध्यक्ष सचिन टिकू, जेकेएटीए के अध्यक्ष यासिर ताक, एनएमओपीएस के मुख्य प्रवक्ता सत्यार्थ गुप्ता, एनजीएफओए के प्रांतीय अध्यक्ष गुरचरण सिंह, एजेएंडकेपीए के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप कोहली, अरुण शर्मा (जीएमसीएचजे), लोकल अर्बन बॉडीज के अध्यक्ष रवि रंधावा, जेकेपीडीडीईयू के प्रांतीय युवा अध्यक्ष टी. अरुण गुप्ता, एबीएसएमएस के उपाध्यक्ष डेविड संधु, श्राइन बोर्ड इंप्लाइज एसोसिएशन कटड़ा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिंह और जेके एनएमओपीएस महिला विंग की अध्यक्ष हरप्रीत कौर शामिल हैं।